English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-05-11 120939

दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार और केंद्र के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास ही असली शक्ति होनी चाहिए।

SC ने कहा- चुनी हुई सरकार के पास असली शक्ति

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली के प्रशासनिक सेवाओं के निर्णय लेने के मामले में अपना फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है। न्यायाधीश ने कहा कि ये फैसला बहुमत का फैसला है। कोर्ट ने इसी के साथ कहा कि चुनी हुई सरकार के पास असली शक्ति होनी चाहिए।

Also read:  रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में पिछले चार दिनों में दूसरी बार बढ़ोतरी,25 रुपये की वृद्धि

तबादलों और पोस्टिंग को लेकर विवाद

CJI डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हा की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच चल रहे विवाद पर आज फैसला सुनाएगी। इस विवादास्पद मुद्दे पर फैसले के बाद ये साफ हो जाएगा कि दिल्ली में अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग को लेकर प्रशासनिक सेवाओं को नियंत्रित कौन करेगा।

Also read:  गर्मी ने तोड़ा रिकोर्ड नहीं मिलेगी लू से राहत, बाड़मेर रहा देश का सबसे गर्म शहर

सुप्रीम कोर्ट 18 जनवरी को आदेश रख चुका सुरक्षित

पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से क्रमश: सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की पांच दिन दलीलें सुनने के बाद 18 जनवरी को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

Also read:  AIADMK foundation day : पार्टी मुख्यालय पर भारी भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

संविधान पीठ का गठन दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर केंद्र और दिल्ली सरकार की विधायी एवं कार्यकारी शक्तियों के दायरे से जुड़े कानूनी मुद्दे की सुनवाई के लिए किया गया था। पिछले साल छह मई को शीर्ष कोर्ट ने इस मुद्दे को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेज दिया था।