English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-03-30 112709

 पंजाब के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री भगवंत मान चुनाव जीतने के बाद से ही फुल एक्शन मोड में नज़र आ रहे हैं। मान ने मंगलवार को पटियाला में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों व प्रोफेसर से पढ़ाई के सिवाए और कोई काम नहीं लिया जाएगा।

 

भगवंत मान ने अपने संबोधन में मान ने कहा, “स्कूल और कॉलेज के शिक्षकों के सभी लंबित मुद्दों का जल्द ही समाधान किया जाएगा। हमारे युवाओं को राज्य में अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे ताकि वे समाज के आदर्श नागरिक बन सकें। मैं आपको एक गारंटी देता हूं कि बहुत जल्दी पंजाबी यूनिवर्सिटी की विद्या कर्ज मुक्त हो जाएगी।”

Also read:  मुसीबतों से में फंसे केजरीवाल, एक के बाद एक घोटालों के आरोप

 

बता दें कि इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व विधायकों को केवल एक कार्यकाल के लिए पेंशन देने का ऐलान कर सुर्खियां बटोरी थीं। इस फैसले के वक्त सीएम मान ने कहा था कि एक विधायक को एक कार्यकाल के लिए प्रति माह लगभग 75,000 हजार रुपये की पेंशन मिलती है। इसके बाद, प्रत्येक अनुवर्ती अवधि के लिए पेंशन राशि का अतिरिक्त 66 प्रतिशत दिया जाता है। वर्तमान में 250 से अधिक पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही है।

Also read:  बिहार में पहली बार JEE Advanced की परीक्षा 11 शहरों में होगी

मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, “पंजाब में पूर्व विधायक, भले ही वे दो बार, पांच बार या दस बार जीते हों, उन्हें अब केवल एक कार्यकाल के लिए पेंशन मिलेगी।” उन्होंने कहा कि कई सांसदों को विधायकी के लिए भी पेंशन मिल रही है।”

इसी तरह दिल्ली के बाद आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने भी लाभार्थियों के लिए राशन की डिलीवरी शुरू करने का ऐलान किया था। सोमवार को ये घोषणा करते समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हमारे अफसर फोन करके डिलीवरी का समय पूछेंगे, उसी समय राशन की डिलीवरी कराई जाएगी। यह एक वैकल्पिक योजना है।

Also read:  TMC की शहीद दिवस रैली, मेनका और वरुण गांधी रैली के बीच पहुंचे कोलकाता, हो सकते हैं TMC में शामिल

हाल ही में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, जिसे आप ने प्रचंड बहुमत से जीता था, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार डोरस्टेप डिलीवरी सेवाओं को लागू करेगी, एक प्रणाली जिसे आप सरकार ने पहली बार दिल्ली में पेश किया था।