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महाराष्ट्र के जालना जिले में मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद वबाल बढ़ता दिख रहा है। लाठीचार्ज को लेकर मराठा संगठनों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के कई हिस्सों में बंद का ऐलान किया गया है।

जालना के टेंभुर्णी इलाके में दुकानें बंद हैं। बीड, लातूर, धाराशिव और परभणी में आज बंद का ऐलान किया गया है। मुंबई और नासिक में मराठा संगठनों ने आपात बैठक बुलाई। वहीं, कोल्हापूर में भी मराठा संगठन के नेता इकठ्ठा होने वाले हैं। शिवाजी महाराज के वंशज और बीजेपी सांसद उदयनराजे भोसले जालना जाने वाले हैं। यहां वह लाठीचार्ज में जख्मी हुए मराठा समाज के लोगों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा जालना हिंसा को लेकर धुले-सोलापुर हाईवे पर चलने वाली बस सर्विस को रद्द कर दिया गया है। ST कमिटी ने बस सर्विस को अस्थाई रूप से रद्द करने का फैसला किया है। 

दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की जाएगी: डिप्टी सीएम 

मराठा आंदोलनकारियों के समर्थन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि लाठीचार्ज करनेवाले दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की जाएगी। मराठा आंदोलनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील की। अजित पवार ने कहा, “मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग उचित है। इस मांग के लिए राज्य में कही भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करते हैं। मराठा आरक्षण की लड़ाई को सड़कों और अदालतों में समान ताकत से लड़ने में हम सभी की भूमिका है। उसके लिए हम सभी की एकता एवं सामूहिक प्रयास आवश्यक है। आंदोलन की सफलता इसी पर निर्भर करती है। मैं प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि इस मामले में पुलिस की भूमिका की गहन एवं निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मराठा प्रदर्शनकारियों और राज्य के नागरिकों से अनुरोध है कि वे यह सुनिश्चित करें कि राज्य में स्थिति खराब न हो, शांति और कानून-व्यवस्था बरकरार रहे।”

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राज्य का गृह मंत्रालय जिम्मेदार है: शरद पवार 

वहीं, एनसीपी चीफ शरद पवार ने जालना की घटना के लिए गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग को दोषी ठहराया है। उन्होंने ट्वीट किया, “महाराष्ट्र में इस वक्त सिर्फ और सिर्फ तानाशाही चल रही है। राज्य सरकार और गृह विभाग को राज्य में शांति बनाए रखने का काम सौंपा गया है, लेकिन गृह मंत्रालय के प्रशासकों ने मराठा प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया है। ये बहुत परेशान करने वाली बात है। जालना में हुई इस अमानवीय घटना के लिए राज्य का गृह मंत्रालय जिम्मेदार है और मैं सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा करता हूं।”

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सड़क पर टायर जलाकर लाठीचार्ज का विरोध

इससे पहले लातूर में सड़क पर टायर जलाकर लाठीचार्ज पर विरोध दर्ज किया गया। मराठा क्रांति मोर्चा की ओर से लातूर जहीराबाद हाईवे पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सड़क के दोनों किनारे बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया गया। इस स्थान पर मराठा समुदाय के आंदोलनकारी युवाओं ने सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी की और यातायात अवरुद्ध कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही लातूर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

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जालन हिंसा में 45 पुलिसकर्मी हुए घायल

बता दें महाराष्ट्र के जालना में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन शुक्रवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शन आंदोलनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच संघर्ष में तब्दील हो गया। पुलिस ने मराठा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इस लाठी चार्ज के बाद कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना में 45 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए, जिनमें से 17 महिला पुलिसकर्मी हैं। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में  घायल लोगों की संख्या 20 से ज्यादा हो सकती है। पुलिस ने इस मामले में गोंदी पुलिस स्टेशन में 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 323,353,332,147 और 149 के तहत मामला दर्ज किया है।