English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-07 083408

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी को बाहर के खाना दिए जाने के खिलाफ दाखिल यूपी सरकार की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जवाब तलब किया है।

कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उसने जो याचिका कोर्ट में दाखिल की है वो पोषणीय है या नहीं? कोर्ट ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिये 3 दिनों का वक्त दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी। ये आदेश जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने सरकार की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मुख्तार अंसारी की तरफ से सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने सरकार की तरफ से दाखिल की गई याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए।

Also read:  सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा सरकार को राहत, प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षित रखने के कानून पर हाईकोर्ट की रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई

 

अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्तार अंसारी को जेल में बाहर का खाना जेल के मैनुअल के तहत ही दिया जा रहा है, इसलिए ये पोषणीय नहीं है। इस मामले में सरकार का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि याचिका पोषणीय है इसलिए ये कोर्ट में दाखिल की गई है। हाई कोर्ट ने तीन दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

Also read:  पति ने अपनी पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी, पड़ोसियों ने दबोचकर किया पुलिस के हवाले

गौरतलब है कि गाजीपुर के जिला कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में बाहर का भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। इस आदेश का यूपी सरकार विरोध कर रही है और इसी आदेश के खिलाफ सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मुख्तार अंसारी ने जिला न्यायालय में खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर बाहर का खाना देने की इजाजत मांगी थी।

Also read:  Antlina Case: वाजे ने पहचान छिपाने के लिए पहना था कुर्ता-पजामा, सीसीटीवी में लग रहा था पीपीई किट

बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से अपनी उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जेल में अतिरिक्त सुविधा की मांग की थी। इसके बाद गाजीपुर जिला न्यायालय ने मुख्तार अंसारी को बाहर का खाना देने की अनुमति दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी।