English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-07 083408

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी को बाहर के खाना दिए जाने के खिलाफ दाखिल यूपी सरकार की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जवाब तलब किया है।

कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उसने जो याचिका कोर्ट में दाखिल की है वो पोषणीय है या नहीं? कोर्ट ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिये 3 दिनों का वक्त दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी। ये आदेश जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने सरकार की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मुख्तार अंसारी की तरफ से सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने सरकार की तरफ से दाखिल की गई याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए।

Also read:  कर्नाटक में कांग्रेस ने 124 उम्मीदवारों की पहली सूची की जारी

 

अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्तार अंसारी को जेल में बाहर का खाना जेल के मैनुअल के तहत ही दिया जा रहा है, इसलिए ये पोषणीय नहीं है। इस मामले में सरकार का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि याचिका पोषणीय है इसलिए ये कोर्ट में दाखिल की गई है। हाई कोर्ट ने तीन दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

Also read:  पीएम मोदी का बड़ा एलान, देश में हर साल 16 जनवरी को मनाया जाएगा 'नेशनल स्टार्ट-अप डे', पीएम मोदी बोले- दुनिया में बजा भारत का डंका

गौरतलब है कि गाजीपुर के जिला कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में बाहर का भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। इस आदेश का यूपी सरकार विरोध कर रही है और इसी आदेश के खिलाफ सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। मुख्तार अंसारी ने जिला न्यायालय में खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर बाहर का खाना देने की इजाजत मांगी थी।

Also read:  राजधानी दिल्ली में फिर बदल सकता है मौसम, आज हल्की बारिश होने की संभावना

बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से अपनी उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जेल में अतिरिक्त सुविधा की मांग की थी। इसके बाद गाजीपुर जिला न्यायालय ने मुख्तार अंसारी को बाहर का खाना देने की अनुमति दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को होगी।