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चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में सुर्खियों में रहनी वाली लालकुआं विधानसभा सीट पर छह माह के भीतर एक उपचुनाव होगा।

कांगे्रस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को रिकार्ड मतों से हराने वाले भाजपा के डा. मोहन सिंह बिष्ट जिला पंचायत सदस्य भी हैं। नियम के मुताबिक अब जिपं सदस्य के पद से उन्हें इस्तीफा देना होगा। छह महीने के अंदर चुनाव प्रक्रिया भी संपन्न हो जाएगी।

उत्तराखंड मेंं 2019 में पंचायत चुनाव हुए थे। बरेली रोड क्षेत्र से तब जिला पंचायत सदस्य के दावेदार के तौर पर निर्दलीय मैदान में उतरे डा. मोहन ङ्क्षसह बिष्ट ने भारी मतों से जीत हासिल की थी। इसके बाद से वह विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए। हर बूथ पर अपनी टीम तैयार की। नतीजतन जनवरी में भाजपा ने उन्हें पार्टी में फिर से शामिल कर दिया।

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तब सीएम पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण करवाई थी। वहीं, तमाम तरह के सर्वे में मजबूत साबित होने व क्षेत्र में जमीनी पकड़ को आधार मानते हुए सीटिंग विधायक नवीन दुम्का के अलावा अन्य दावेदारों को दरकिनार कर पार्टी ने डा. बिष्ट पर दांव खेला। जबकि कांग्रेस ने पहले पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी को उम्मीदवार बनाया था, मगर बाद में पूर्व सीएम हरीश रावत यहां चुनाव लडऩे पहुंच गए।

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पहले वह रामनगर से चुनाव लड़ रहे थे। हरदा के लालकुआं से मैदान में उतरने की वजह से यह सीट चुनाव के दौरान खूब चर्चा में रही। दस मार्च को परिणाम पूर्व सीएम व कांग्रेस के लिए बेहद चौंकाने वाले रहे। भाजपा उम्मीदवार डा. मोहन बिष्ट को 46527 वोट मिले थे। उन्होंने रावत को 17527 वोटों के अंतर से हरा दिया।

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विधानसभा के अधिकांश बूथों पर भाजपा को एकतरफा वोट मिले। बिंदुखत्ता को अपना गढ़ मानने वाली कांग्रेस को यहां भी हार का सामना करना पड़ा। अपर मुख्य अधिकारी जिपं नैनीताल पीएस बिष्ट ने बताया कि नियमों के तहत जिला पंचायत की इस सीट पर अब उपचुनाव कराना पड़ेगा। छह माह के भीतर निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया को पूरा करना होता है।