English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-09-25 112834

राजस्थान में राजनीति और भ्रष्टाचार के गठजोड़ (Nexus of politics and corruption) का बड़ा मामले सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अलवर के थानागाजी विधायक कांति प्रसाद मीणा (Thanagaji MLA Kanti Prasad Meena) के दो बेटों समेत चार लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।

 

इनमें एक प्रधान का बेटा भी शामिल है। पुलिस ने निर्दलीय विधायक कांति प्रसाद मीणा के छोटे बेटे कृष्णा मीणा से घूस में लिए गए 5 लाख रुप बरामद कर लिए हैं। विधायक के आरोपी बेटे ने पूछताछ में बताया कि उसने यह राशि अपने छोटे भाई लोकेश मीणा के कहने पर ली थी।

लोकेश मीणा को पिछले दिनों हुई राजनीतिक नियुक्तियों में राजस्थान युवा बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया था। वहीं विधायक का कहना है कि उनके बेटों को षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है। विधायक ने राज्य सरकार को समर्थन दिया हुआ है। कार्रवाई के बाद ब्यूरो ने चारों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। वहां से फिलहाल सभी चारों आरोपियों को 15 दिन के लिये जेल भेज दिया गया है।

Also read:  बीआरएस से विधान परिषद सदस्य कविता ने कहा, बिल्कीस बानो के बलात्कारी खुलेआम भाजपा के सांसदों और विधायकों के साथ मंच साझा करते

ठेकेदार से 9 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी

ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने बताया रिश्वत के आरोप में पकड़े गए आरोपियों में विधायक के पुत्र कृष्णा मीणा और लोकेश मीणा समेत बीडीओ नेतराम मीणा तथा प्रधान पुत्र जयप्रताप शामिल हैं। इस संबंध में परिवादी ठेकेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विधायक के बेटे और प्रधान का बेटा उसे बार-बार परेशान कर रहे हैं। उसका बोरिंग समेत कुल 26 लाख रुपये का बिल है। उसे देने की एवज में 9 लाख की रिश्वत मांगी जा रही है। आखिर में मामला पांच लाख रुपये में तय हुआ है। ब्यूरो ने शिकायत की पुष्टि करवाई तो वह सही पाई गई। उसके बाद ब्यूरो ने आरोपियों को पकड़ने के लिये अपना जाल बिछाया।

Also read:  गुजरात विधानसभा अध्यक्ष बने शंकरभाई चौधरी, जेठाभाई भारवाड़ उपाध्यक्ष चुने गए

जयपुर में पकड़ा पांच लाख रुपये लेते हुए

ब्यूरो के अनुसार शुक्रवार रात को परिवादी को रुपये देने के लिए जयपुर बुलाया गया। कृष्णा मीणा परिवादी से 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के लिये जयपुर पहुंचा। जयपुर में जगतपुरा स्थित इंदिरा नगर में जैसे ही परिवादी ने उसे रुपये थमाए ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने छोटे भाई लोकेश मीणा, बीडीओ और प्रधान के बेटे का नाम बताया था। उसके बाद दूसरी टीमों ने राजगढ़ से लोकेश मीणा, राजगढ़ पंचायत समिति के पास से बीडीओ नेतराम मीणा को जरावली के पास से प्रधान के बेटे जयप्रताप को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी एसीबी मुख्यालय लाया गया।

Also read:  दिल्ली-एनसीआर में तापमान ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी

विधायक ने कहा ठेकेदार की नीयत खराब

इस मामले में विधायक कांति प्रसाद मीणा मीणा का कहना है कि उसके परिचित विराट नगर के एक ठेकेदार के साथ उसके भाई के बेटे का ठेका चलता था। उनका बाजार में डीजल और अन्य सामान का लेन-देन बाकी था। इस लेन-देन के कारण उसकी नीयत खराब हो गई। इसलिए उसने एसीबी को शिकायत दी कि उससे 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी है। मेरे बेटों को षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है. विधायक ने कहा कि ठेकेदार को हमारी क्रेडिट पर पाइप दिलवाए। उसका पैसा बकाया था। जब कोई चीज ली है तो उसका पैसा तो चुकाना ही पड़ता है। आपसी लेनदेन के माले को रिश्वत बना दिया गया।