English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-18 144347

राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में भाजपा नेता ने कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाया है। भाजपा विधायक बबनराव लोणीकर ने कहा है कि नितिन राउत वोट के दौरान लाइन में खड़े नहीं हुए थे। उन्होंने राउत के वोट को अवैध घोषित करने के लिए निर्वाचन आयोग से अपील भी करने की बात कही है।

 

महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक बबनराव लोणीकर ने सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए कांग्रेस विधायक नितिन राउत के यहां विधान भवन में कतार में नहीं खड़े होने पर आपत्ति जताई है। इस पर लोणीकर ने कहा कि वह निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे आयोग से राउत के वोट को अवैध घोषित करने के लिए अपील भी करेंगे।

Also read:  देश में लगातार पांचवें दिन कोविड-19 संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी 24 घंटे में देश में 18,711 नए मामले दर्ज हुए

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि देश के अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए विधान भवन के केंद्रीय सभागार में सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चलेगा। ऐसे में लोणीकर ने विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि नितिन राउत मतदान शुरू होने से पहले केंद्रीय सभागार पहुंचे और सीधा वोट देने चले गए। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया है।

Also read:  कतर, संयुक्त अरब अमीरात के बीच यातायात उल्लंघन को जोड़ने के लिए नई इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली

घटना पर बोलते हुए लोणीकर ने कहा, ”हमारी तरह कतार में खड़े होने के बजाय, वह (नितिन राउत) सीधे वोट डालने के लिए अंदर चले गए। यह अस्वीकार्य है। मैं भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध करने जा रहा हूं कि उनके वोट को अमान्य माना जाना चाहिए।”

उत्तर प्रदेश में विधायकों के मत का मूल्य 208 है

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विधायकों के मत का मूल्य 208 है, जबकि झारखंड और तमिलनाडु के विधायकों का मूल्य 176 है। महाराष्ट्र में यह 175, सिक्किम में सात, नगालैंड में नौ और मिजोरम में आठ है।

Also read:  एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान कांस्य पदक के लिए पहली बार आमने-सामने

केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए द्रौपदी मुर्मू को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि विपक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में नए राष्ट्रपति के चयन के लिए वोट अभी भी जारी है।

मुर्मू अगर यह चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बन जाती हैं, तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी। वह देश की पहली आदिवासी और सबसे युवा राष्ट्रपति भी होंगी।