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रीवा लोकायुक्त पुलिस ने जनपद सीईओ नईगढ़ी शैलेश कुमार पांडेय को 13 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह घूस उसने वाहन मालिक से बिल भुगतान के नाम पर मांगी थी। मऊगंज के ढनगन निवासी शिकायतकर्ता शिवेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि वह अपनी कार नईगढ़ी जिले में किराए पर लेकर गया था। 4 माह से भुगतान नहीं हुआ है। जनपद सीईओ शैलेश कुमार पाण्डेय रिश्वत मांग रहे थे।

 

शिकायतकर्ता शिवेंद्र पटेल ने 23 दिसंबर को बकाया भुगतान की बात कही थी। जिस पर जनपद सीईओ आगबबूला हो गए और डांट-फटकार कर कार्यालय से भगा दिया। जब शिवेंद्र अपने कार से घर गया तो जनपद सीईओ ने थाने में शिकायत दर्ज करायी और लगातार दबाव बनाने लगा. घूस नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। इससे परेशान होकर पीड़िता ने लोकायुक्त पुलिस से गुहार लगाई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतकर्ता को रुपये देकर भेज दिया और उसके नेहरू नगर स्थित आवास पर छापा मारा और सीईओ को रंगे हाथ पकड़ लिया. लोकायुक्त टीम को देख आरोपी रुपये फेंकने लगे। कहा- जानबूझकर फंसा रहा है। देर शाम तक चली कार्रवाई से मोहल्ले में भीड़ जमा हो गई।

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जून महीने से जनपद सीईओ ने वाहन किराया भुगतान बंद कर दिया था। उल्टा कमीशन की मांग कर रहे थे। 30 हजार की मांग करते हुए दोनों के बीच 17 हजार में सौदा तय हो गया। एक दिन पहले उसने 4 हजार की घूस ली थी। लोकायुक्त ने शुक्रवार की शाम उसे दूसरी किस्त के रूप में 13 हजार की घूस लेते पकड़ा।

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जिलों में भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकायुक्त टीम ने गत 21 दिसंबर को रीवा जिला सीईओ विजयलक्ष्मी मरावी को उनके ही कर्मचारी से पांच हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था. 2 सप्ताह के भीतर नईगढ़ी जिले के सीईओ शैलेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके पास मऊगंज जनपद सीईओ का प्रभार भी था।

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गोपाल सिंह धाकड़ एसपी लोकायुक्त रीवा ने जानकारी दी जनपद सीईओ ने घूस की मांग की थी। शिकायत का सत्यापन कर टीम भेजी गई। वह अपने आवास पर 13 हजार रुपये लेते पकड़ा गया है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।