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गुजरात (Gujarat) के अहमदाबाद में 2008 सीरियल ब्लास्ट (Ahmedabad Serial Blast) मामले में दोषियों की सजा पर बहस पूरी हो चुकी है। 

 

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की है. वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की अपील कोर्ट से की। अब विशेष कोर्ट इस मामले में 18 फरवरी को सजा सुनाएगा। अहमदाबाद ब्लास्ट केस में सेशंस कोर्ट जज ए आर पटेल ने 8 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 49 आरोपियों को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने 77 में से 28 आरोपियों को बरी कल दिया था। ब्लास्ट मामले (Blast Case) में अब 49 दोषियों की सजा पर बहस पूरी हो चुकी है। हालांकि कोर्ट ने अभी तक सजा का ऐलान नहीं किया है।

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कोर्ट इस मामले में 18 फरवरी को सजा सुनाएगा. आज हुई बहस के दौरान बचाव पक्ष ने दोषियों के लिए कम से कम सजा की मांग की है। वहीं अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा (Death Sentence) की मांग की है। बता दें कि साल 2008 में अहमदाबाद में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस घटना में 56 लोगों की मौत हो गई थी, साथ ही 200 लोग घायल हो गए थे। दिल दहलादेने वाली ये घटना 26 जुलाई 2008 को हुई थ। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार 21 बम धमाकों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इन धमाकों की गूंज से हर कोई सहम गया था।

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26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट

इस सीरियल ब्लास्ट मामले में 2 फरवरी को फैसला सुनाया जाना था। लेकिन स्पेशल कोर्ट के जज एआर पटले कोरोना संक्रमित हो गए थे। इस वजह से फैसला 8 फरवरी तक टल गया था। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज एक घंटे के भीतर सिलसिलेवार 21 बम धमाके हुए थे. इस मामले में अहमदाबाद पुलिस ने 20 FIR दर्ज की थीं। वहीं सूरत में 15 और एफआईआर भी दर्ज की गई थीं। इन बम धमाकों में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी ने सभी आतंकियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

19 दिन में 30 आतंकी भेजे गए थे जेल

उस दौरान राज्य के मौजूदा DGP आशीष भाटिया के नेतृत्व में तेज तर्रार अफसरों की एक टीम बनाई गई थी। उस दौरान देश के तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अहमदाबाद दौरे पर पहुंचे थे। बता दें कि 28 जुलाई 2008 को ब्लास्ट मामले की जांच के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई थी। सिर्फ 19 दिन के भीतर पुलिस ने 30 आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद बाकी आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। अहमदाबाद में हुए इन धमाकों से पहले आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में धमाकों को अंजाम दिया था।

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