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देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं. जिसको चलते स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं. 

 

देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ (Omicron Variant) के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को निगरानी बढ़ाने और युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर सचेत किया है कि मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि ओमिक्रॉन, डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले कम से कम तीन गुना ज्यादा संक्रामक है. उन्होंने राज्यों से जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाने, टेस्टिंग बढ़ाने और अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए हैं.

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भारत में अब तक ओमिक्रॉन वेरिएंट के 216 मामले सामने आए हैं. मंगलवार को महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में नए मामलों की पुष्टि हुई है. अभी ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में हैं, जहां 11 नए मामले आने के बाद संख्या बढ़कर 65 हो गई. तेजी से बढ़ रहे नए वेरिएंट के मामलों के बाद,

स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश की अहम बातें

1. स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्थानीय और जिला स्तर पर अधिक दूरदर्शिता, आंकड़ों का विश्लेषण, जल्द निर्णय और सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है.

2. जिन जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक है या जिन जिलों में कोविड अस्पतालों के 40 फीसदी से अधिक बेड भर चुके हैं, वहां निगरानी और टेस्टिंग बढ़ाया जाना चाहिए.

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3. ऐसे जिलों के अस्पतालों में कोविड-19 से जुड़ी सभी उपलब्ध सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए.

4. रोकथाम के कड़े उपाय अपनाएं और जरूरत के हिसाब से स्थानीय स्तर पर नाइट कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध भी लगाएं. इसके अलावा बड़ी गैदरिंग पर रोक और शादी जैसे समारोहों में लोगों की संख्या को कम करें.

5. कोविड-19 से प्रभावित आबादी और इसके भौगोलिक प्रसार के बारे में मिल रहे आंकड़ों की लगातार समीक्षा होनी चाहिए.

6. अस्पताल के बुनियादी ढांचे, मैनपावर और आइसोलेशन जोन को नोटिफाई करने की भी जल्द समीक्षा की जानी चाहिए.

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7. टेस्टिंग और सर्विलांस के तरीकों में सभी कोविड पॉजिटिव लोगों का कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संपर्क में आए लोगों की खोज) अनिवार्य है.

8. पत्र के मुताबिक, देश में डेल्टा वेरिएंट देश के विभिन्न हिस्सों में अब भी मौजूद है. डेल्टा वेरिएंट देश में कोविड की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना गया था.

9. राज्यों को टीकाकरण बढ़ाने के साथ 100 फीसदी वैक्सीनेशन कवरेज के लक्ष्य को पूरा करने को कहा गया है.

10. जिन जगहों पर एक साथ कई केस (क्लस्टर इंफेक्शन) मिले तो वहां के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए तुरंत भेजने का निर्देश दिया गया है.