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पवन सेंगर/लखनऊ: हाथरस कांड की आड़ में पूरे उत्तर प्रदेश को जलाने की साजिश का सच अब धीरे-धीरे सबके सामने आ रहा है. बेटी को इंसाफ दिलाने के नाम पर दंगा भड़काने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था. इस शैतानी साजिश को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) द्वारा रचा गया था. इस मामले में यूपी पुलिस ने सोमवार देर रात मथुरा से PFI और CFI से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरनगर का अतीकुर्रहमान, बहराइच का मसूद अहमद, रामपुर का आलम और केरल के मल्लपुरम का सिद्दीक शामिल हैं.

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पत्रकार बनकर रच रहे थे दंगे भड़काने की साजिश
उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक PFI के एजेंटों ने पत्रकार बनकर हाथरस कांड के बहाने यूपी में जातीय हिंसा की साजिश रची थी. इस मामले में गिरफ्तार चार लोगों में अतीकुर्रहमान मुफ्फरनगर का रहने वाला है. अतीकुर्रहमान के पास दंगों के लिए फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी और वह दिल्ली के शाहीन बाग में भी ठहरा था. जानकारी के मुताबिक अतीकुर्रहमान कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन का कोषाध्यक्ष भी है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पत्रकार बनकर हाथरस कांड के बहाने यूपी में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा भड़का कर राज्य की योगी सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार को दुनियाभर में बदनाम करने की साजिश रच रहे थे.

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