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नई दिल्ली: 

नागरिकता संसोधन कानून (CAA) को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा (Delhi Violence) की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है. दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि भजनपुरा में 8 लड़कों के गैंग पर दंगों के दौरान जबरदस्त आगजनी और चोरी का आरोप है. जांच में पता चला है कि ये लोग 50-60 लोगों की भीड़ के साथ जय ‘श्री राम बोलते’ हुए हथौड़ा, रॉड और मिट्टी का तेल लेकर चल रहे थे. यही नहीं, आरोपी दुकानों में सामान की चोरी के साथ नकदी भी लूट ले गए.

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जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने दुकानों से चूड़ियां, कंघे, अंडरगारमेंट्स ,मसाज मशीन, सोफा, कुर्सी, मेज, हीटर, लैपटॉप और गद्दे, जो मिला सब लूट लिया. लाखों रुपये का कैश भी लूटकर ले गए और दुकानों में आग लगा दी. एक आरोपी के यहां से महिलाओं के 13 जोड़ी अंडरगार्मेंट्स बरामद हुए हैं. इनके खिलाफ भजनपुरा थाने में 10 लोगों की शिकायत पर अलग-अलग 10 केस दर्ज किये गए हैं.

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आरोपियों में नीरज, मनीष, अमित गोस्वामी, सुनील शर्मा, सोनू, राकेश, मुकेश और श्याम पटेल शामिल हैं. हालांकि, आरोपियों में से 4 लोगों को अदालत ने ये कहते हुए जमानत दे दी कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं.

हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दो आरोपियों को जमानत दी थी और कहा कि किसी प्राथमिकी में उनका नाम नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप हैं. अदालत ने रशीद सैफी और मोहम्मद शादाब को राहत प्रदान कर दी. अभियोजन पक्ष ने दोनों के खिलाफ दावा किया कि वे आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के रिश्तेदार हैं जो मुख्य साजिशकर्ता हैं.