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बोलपुर, पश्चिम बंगाल: 

देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले एक करोड़ के पार पहुंच गए हैं. इस बीच, COVID वैक्सीन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं.  गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि कोरोना टीका अभियान शुरू होने के बाद संशोधित नागरिकता कानून (CAA) पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से कई काम रूके हुए हैं. सीएए के नियम बनने अभी बाकी हैं. वैक्सीन देने का काम शुरू होने और कोरोना की चेन टूटने के बाद इस पर विचार किया जाएगा.

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बंगाल दौर के दूसरे दिन रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “संशोधित नागरिकता कानून के नियम तैयार किए जाने बाकी हैं क्योंकि कोरोनावायरस के कारण काफी बड़ी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, जितनी जल्दी टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा और कोरोना की चेन टूटेगी, हम इस पर विचार करेंगे.”

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने जोर दिया कि नड्डा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार आईपीएस अधिकारियों को समन जारी करके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने का केंद्र के पास अधिकार है. उन्होंने कहा कि टीएमसी को केंद्र सरकार पर उंगली उठाने से पहले नियमों को देखना चाहिए.

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शाह ने दावा किया कि ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार की नाकामियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए “बाहरी-भीतरी” का मुद्दा उठा रही है. उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में बीजेपी की सरकार आती है तो राज्य की अगुवाई कोई “धरती पुत्र” करेगा.

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गृह मंत्रालय की ओर से पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारियों को समन करने के बारे में पूछने पर शाह ने कहा कि केंद्र ने संविधान और कानून के अनुसार राज्य सरकार को पत्र भेजा. यह देश के संघीय ढांचे के अनुरूप है. तृणमूल सरकार को पहले नियम देखने चाहिए और फिर केंद्र और जनता से बात करनी चाहिए.