English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-11-03 103038

 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसे में राजधानीवासी जहर घुले हवा में सांस लेने को मजबूर है। जानकारी हो कि राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता फिर से गंभीर श्रेणी में आ गई है।

 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जहां सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 364 यानि कि बहुत खराब श्रेणी में था वहीं सुबह 7 बजे AQI 408 (‘गंभीर’) दर्ज किया गया था।

प्रतिकूल मौसम और खेत में आग की घटनाओं में वृद्धि है जिम्मेदार

बता दें कि हवा की धीमी गति के साथ प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियां और खेत में आग की घटनाओं में अचानक वृद्धि वायु की गुणवत्ता में गिरावट के लिए जिम्मेदार बताई जा रही हैं। जानकारी हो कि 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। SAFAR द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में 393 के एक्यूआई पर फिसल गया, जबकि गुरुग्राम का एक्यूआई 318 ‘बहुत खराब श्रेणी’ पर रहा।

Also read:  मशहूर गायक केके का निधन, कोलकत्ता में एक शो के बाद अस्पताल में हु्आ निधन

उत्तरी दिल्ली की वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज

जानकारी हो कि उत्तरी दिल्ली की वायु गुणवत्ता क्षेत्र के लगभग सभी स्टेशनों ने एक्यूआई 400 से ऊपर प्रदर्शित होने के कारण सबसे खराब दर्ज की गई है। मध्य दिल्ली में मंदिर मार्ग जैसे कुछ स्टेशनों को छोड़कर राजधानी के अधिकांश स्टेशनों में एक्यूआई 300 से ऊपर है। SAFAR के आंकड़ों के अनुसार, मॉडल टाउन के धीरपुर में एक्यूआई 457-एक स्तर तक गिर गया, जिस पर स्वस्थ लोग भी बीमार पड़ सकते हैं।

Also read:  वित्तीय क्षेत्र में ब्लॉकचेन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए क्यूएफसी, सेटलमिंट इंक समझौता

IGI एयरपोर्ट (टी3) के पास AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में

आईजीआई एयरपोर्ट (टी3) के पास एक्यूआई भी आज 346 पर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। बुधवार को इलाके में एक्यूआई 350 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के बिगड़ने के साथ दिल्ली के अधिकारियों ने अगले आदेश तक सभी निर्माण कार्य और विध्वंस गतिविधियों को रोक दिया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दिल्ली सरकार से हवा की गुणवत्ता में सुधार होने तक स्कूलों को बंद करने का आग्रह किया है।

Also read:  नाबालिग से रेप और हत्‍या में फांसी की सजा पाए व्‍यक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी,कोर्ट ने कहा कि ‘कोर्ट किसी के साथ हुई नाइंसाफी की भरपाई उस केस में बेगुनाह को सज़ा देकर नहीं कर सकता