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एशियन हॉकी चैंपियनशिप (Asian Hockey Championship) में भारत ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को मात देकर टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत हासिल की। ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट टीम ने पड़ोसी देश को 3-1 से मात दी। भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह ने दो और आकाशदीप सिंह ने एक गोल किया। भारतीय गोलकीपर सूरज करकरे ने शानदार खेल दिखाते हुए मैच में कई बेहतरीन सेव किए और पाकिस्तान को गोल करने का मौका नहीं दिया।

भारत को 8वें और 43वें मिनट में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले और हरमनप्रीत सिंह ने दोनों को गोल में बदला। हरमनप्रीत सिंह का पेनल्टी कॉर्नर के मामले में टूर्नामेंट में 100 प्रतिशतक रिकॉर्ड के साथ खेल रहे हैं। भारत के लिए मैच का इकलौता फील्ड गोल आकाश दीप सिंह ने किया. भारत ने कोरिया के खिलाफ ड्रॉ के साथ टूर्नामेंट में अपना अभियान शुरू किया था। इसके बाद दूसरे मुकाबले में उन्होंने बांग्लादेश को 9-0 से मात दी थी। भारत अभी तीन मैचों में सात अंक लेकर अंकतालिका में शीर्ष पर है तथा वह पांच देशों के बीच राउंड रोबिन आधार पर खेले जा रहे टूर्नामेंट में रविवार को जापान से भिड़ेगा। पाकिस्तान का अभी दो मैचों में केवल एक अंक है। भारत और पाकिस्तान पिछली बार मस्कट में खेले गये टूर्नामेंट में संयुक्त विजेता बने थे। तब बारिश के कारण फाइनल मैच नहीं हो पाया था।

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 भारत पहले दो क्वार्टर में हावी रहा

भारतीय टीम ने पहले दो क्वार्टर में पूरी तरह से दबदबा बनाये रखा। पाकिस्तान ने रक्षात्मक रवैया अपनाया और इस बीच हरमनप्रीत के एक शॉट का अच्छा बचाव भी किया। पहले दो क्वार्टर में खेल पाकिस्तान के गोल पोस्ट के इर्द गिर्द ही खेला गया। भारतीयों ने शुरू से आक्रामक रवैया अपनाकर दबाव बनाया और कुछ मौके बनाये लेकिन पाकिस्तानी गोलकीपर मजार अब्बास की प्रशंसा करनी होगी जिन्होंने बेहतरीन बचाव किये। लेकिन भारत ने उम्मीद के अनुरूप आठवें मिनट में बढ़त बना दी जब हरमनप्रीत ने टीम को मिले पहले पेनल्टी कार्नर को करारे फ्लिक से गोल में बदला. इसके चार मिनट बाद कप्तान मनप्रीत सिंह का सर्कल के बाहर से लगाया गया शॉट अब्बास ने बचा दिया।

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दूसरे क्वार्टर में भी यही स्थिति बनी रही और भारतीयों ने पाकिस्तानी रक्षापंक्ति में लगातार सेंध लगायी। पाकिस्तानी रक्षापंक्ति ने अच्छी भूमिका निभायी लेकिन उसकी अग्रिम पंक्ति एक भी शॉट गोल पर लगाने या पेनल्टी कार्नर हासिल करने में नाकाम रही। भारत मध्यांतर तक 1-0 से आगे था और उसने पाकिस्तान पर दबाव बनाये रखा तथा 42वें मिनट में अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। आकाशदीप ने तब सुमित के ड्राइव को रिवर्स हिट से गोल के हवाले किया था।

पाकिस्तान केवल एक गोल कर पाया

पाकिस्तान ने उम्मीद नहीं छोड़ी और यहां से बेहतर खेल दिखाया तथा तीसरा क्वार्टर समाप्त होने से 27 सेकेंड पहले गोल अंतर कम कर दिया. तब मंजूर ने अब्दुल राणा के पास को डाइव लगाकर गोल में पहुंचाया था। पहले तीन क्वार्टर अगर भारत के नाम रहे तो चौथे क्वार्टर में पाकिस्तान ने कड़ी चुनौती पेश की। पहला गोल करने के बाद पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाया और 47वें मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन भारत के ‘रेफरल’ लेने के बाद इसे नकार दिया गया। पाकिस्तान ने इसके बाद फिर से लगातार दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये लेकिन दोनों अवसरों पर भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव किये। इस बीच भारत ने अपना दूसरा पेनल्टी कार्नर हासिल किया जिसे हरमनप्रीत ने गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। भारत ने अंतिम हूटर बजने से तीन मिनट पहले एक और पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन उसे पाकिस्तानी गोलकीपर ने बचा दिया।