English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-04-28 113553

 मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के दौरे से पहले कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ने आग लगा दी जिसके बाद घटनास्थल पर धारा 144 लागू की गई है। साथ ही इंटरनेट बैन कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को चुराचांदपुर जिले में कार्यक्रम स्थल पर भीड़ ने तोड़फोड़ की और आग लगा दी। यहां मुख्यमंत्री शुक्रवार को जिम सह खेल सुविधा का उद्घाटन करने वाले थे।

घटना के बाद, इंटरनेट पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है और चुराचांदपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आक्रोशित भीड़ को आयोजन स्थल के अंदर कुर्सियों और अन्य संपत्तियों को तोड़ते देखा जा सकता है। तोड़फोड़ के बाद आक्रोशित भीड़ ने नवनिर्मित जिम के खेल उपकरणों में भी आग लगा दी।

Also read:  मांझी ने ब्राह्मणों के लिए की ‘अभद्र’ टिप्पणी, विवाद बड़ा तो अपने ही समाज पर दे दिया विवादित बयान

चुराचंदपुर में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण, पुलिस तैनात 

घटना की जानकारी के बाद, स्थानीय पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई और भीड़ को तितर-बितर कर दिया, लेकिन सैकड़ों जलती हुई कुर्सियों से कार्यक्रम स्थल को पहले ही नुकसान हो चुका था। जैसे ही स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, चुराचंदपुर प्रशासन ने जिले में सुरक्षा बढ़ा दी, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

पुलिस ने बताया कि उत्तेजित भीड़ ने न्यू लमका में पीटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नए सेट-अप ओपन जिम को आंशिक रूप से आग के हवाले कर दिया, जिसका उद्घाटन बीरेन सिंह करने वाले थे। जिला प्रशासन ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि हिंसा के कारण मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द किया गया है या नहीं।

Also read:  Coronavirus India: संक्रमणमुक्त हुए मरीजों की संख्या 75 लाख के पार, एक दिन में सामने आए 45230 नए मामले

जनजातीय मंच की ओर से की गई हिंसा

कथित तौर पर भीड़ की हिंसा का नेतृत्व स्वदेशी जनजातीय नेताओं के मंच ने किया था, जो आर्द्रभूमि के अलावा आरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्रों के भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सर्वेक्षण पर आपत्ति जताता रहा है। जनजातीय मंच ने राज्य सरकार पर गिरजाघरों को गिराने का आरोप लगाया।

Also read:  UAE: दृढ़ संकल्प के लोगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय चलने की चुनौती शुरू की गई

मंच ने एक बयान में कहा कि वह सरकार के खिलाफ असहयोग अभियान चलाने के लिए मजबूर हो गया है और इस तरह उसके कार्यक्रमों में बाधा डाल रहा है और शुक्रवार को सुबह 8 बजे से जिले में आठ घंटे की हड़ताल का भी आह्वान किया है। राज्य के आदिवासियों के प्रति सौतेला व्यवहार करने के आरोपों के साथ कुकी छात्र संगठन ने भी मंच का समर्थन किया है।

बता दें कि मणिपुर सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कथित तौर पर राज्य में तीन चर्चों को यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया था कि ये अवैध रूप से बनाए गए थे।