English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-05-14 100504

मार्च में लू के कारण फसल को भारी नुकसान के बाद कदम उठाया गया है। सरकार पर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने का भी दबाव है जो अप्रैल में बढ़कर 7.79 प्रतिशत हो गई। डीजीएफटी ने प्याज के बीज के लिए निर्यात शर्तों को आसान बनाने की घोषणा की।

 

भारत ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आधिकारिक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है। हालांकि, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा, ‘इस अधिसूचना की तारीख या उससे पहले जिस खेप के लिए अपरिवर्तनीय ऋण पत्र (एलओसी) जारी किए गए हैं, उसके निर्यात  की अनुमति होगी।’

Also read:  कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया दावा किसानों की आय में हुआ 10 गुना इजाफा, कहा- "किसान भागीदारी, प्राथमिक हमारी"

डीजीएफटी ने कहा, ‘गेहूं की निर्यात नीति पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है…।’ उसने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर दी गई अनुमति के आधार पर गेहूं के निर्यात की अनुमति दी जाएगी।

Also read:  एग्रीकल्चर ड्रोन इस्तेमाल से किसानों को होगा फायदा, SOP हुआ जारी

फरवरी के अंत में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से काला सागर क्षेत्र से निर्यात में गिरावट के बाद आपूर्ति के लिए वैश्विक खरीदार चीन के बाद दुनिया का दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक भारत से उम्मीद कर रहे हैं। मार्च में लू के कारण फसल को भारी नुकसान के बाद गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया गया है। सरकार पर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने का भी दबाव है जो अप्रैल में बढ़कर 7.79 प्रतिशत हो गई।

Also read:  बीटिंग द र्रिटीट' में पहली बार 1000 ड्रोन का खास शो, प्रोजेक्शन मैपिंग का भी प्रदर्शन

वहीं, एक अलग अधिसूचना में डीजीएफटी ने प्याज के बीज के लिए निर्यात शर्तों को आसान बनाने की घोषणा की। डीजीएफटी ने कहा, ”प्याज के बीज की निर्यात नीति को तत्काल प्रभाव से सीमित श्रेणी के तहत रखा जाता है।” पहले प्याज के बीज का निर्यात प्रतिबंधित था।