English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-22 113018

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 80 रुपए प्रति डॉलर ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ चुका है और चालू वित्त वर्ष में इसमें कोई सुधार होने की उम्मीद नहीं है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण मध्यम अवधि में रुपया और नीचे जा सकता है।

 

Also read:  दिल्ली: फेस्टिवल सीजन में अंतरराज्यीय बस सेवाएं आज से शुरू, यात्री सेवा के लिए 3467 बसें तैयार

स्विस ब्रोकरेज यूबीएस सिक्योरिटीज ने बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि रुपया इस साल अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7.5 प्रतिशत टूट चुका है। यह मार्च तक 80 प्रति डॉलर के स्तर पर रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू खाते के घाटे (कैड) पर दबाव को देखते हुए रुपए के लिए कोई राहत नहीं होगी और मध्यम अवधि में इसमें और गिरावट आ सकती है।

Also read:  Bharat Bandh:किसानों के भारत बंद का पूरे देश में दिख रहा असर ,पुलिस ने जारी की एडवाइज़री

यह बढ़ते व्यापार घाटे और विदेशी कोषों द्वारा बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण होगा। विदेशी निवेशकों ने चालू साल की शुरुआत से अबतक भारत से 29 अरब डॉलर या अपने निवेश का 4.4 प्रतिशत निकाल लिया है।

Also read:  साउथ अफ्रीकी विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास