English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-04-01 112300

पंजाब कांग्रेस इकाई के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रोड रेज मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के 10 माह के बाद शनिवार को पटियाला की सेंट्रल जेल से रिहा होने वाले हैं।

 

क्रिकेट से सियासत में आए सिद्धू को दो कारणों से शनिवार को एक साल की सजा पूरी होने से पहले जेल से रिहा किया जाएगा। दरअसल, 1 साल कारावास की सजा सुनाई गई मगर, वो 10 माह में ही रिहा होने जा रहे हैं। इसके पीछे की दो कारण हैं। पहला जेल मैनुअल के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू एक महीने में चार छुट्टी पाने के हकदार थे।

Also read:  हाथरस मामले पर SC का फैसला : इलाहाबाद HC करेगा मामले की निगरानी, कोर्ट को रिपोर्ट करेगी CBI

लेकिन, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कोई छुट्टी नहीं ली थी, इसलिए उन्होंने जेल की सजा काट ली है। दूसरे, कारावास के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू के अच्छे आचरण को भी ध्यान में रखा गया है। अच्छे आचरण के कारण कैदी जेल से जल्दी छूटने का हकदार हो सकता है। बता दें कि, नवजोत सिंह सिद्धू 1988 में एक रोड रेज की घटना में आरोपी थे।

Also read:  पाक-चीन की जुगलबंदी बड़ा खतरा लेकिन सेना किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार - सेनाध्यक्ष नरवणे

यह केस, दिसंबर 1988 में सिद्धू और उनके दोस्त पर हमला करने के बाद एक गुरनाम सिंह की मौत से संबंधित है। 27 दिसंबर, 1988 को, सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू ने पटियाला में शेरांवाला गेट क्रॉसिंग के पास सड़क के बीच में कथित तौर पर अपनी जिप्सी खड़ी कर दी थी। जब 65 साल के गुरनाम सिंह कार से मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने सिद्धू को एक तरफ हटने के लिए कहा। इस पर सिद्धू और गुरनाम सिंह में विवाद हो गया, सिद्धू ने उन्हें पीट दिया, जिससे गुरनाम सिंह की मौत हो गई। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 साल जेल की सजा सुनाई है।

Also read:  हमारे देश का नाम प्राचीन काल से भारत ,इसे बोलने, लिखने और कहने में हर जगह लाना होगा, आज दुनिया को हमारी जरूरत-मोहन भागवत