English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-02 160431

पंजाब औऱ हरियाणा में इन दिनों चंडीगढ़ को लेकर रार मची हुई है।हाल ही में पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर चंडीगढ़ को पंजाब को हस्तांतरित करने मांग की गई थी, तब से राजनीति गरमाई हुई है।

 

हरियाणा भी राजधानी चंडीगढ़ पर अपना हक जताने की तैयारी कर रहा है। लिहाजा 5 अप्रैल को हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कही जा रही है।

वहीं हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने चंडीगढ़ को स्थानांतरित करने के पंजाब के प्रस्ताव पर कहा कि हम चंडीगढ़ को कहीं जाने नहीं देंगे. चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी थी, है और रहेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के दोहरे मापदंड हैं। कुछ दिनों तक (पंजाब में) शासन में रहने के दौरान ही उन्होंने चंडीगढ़ के विवादास्पद मुद्दे को उठाया है। सीएम खट्टर ने कहा कि मुझे लगता है कि पंजाब की सरकार किसी और के आदेश पर ऐसा कर रही है। साथ ही कहा कि वह हरियाणा की तरफ देखने की हिम्मत भी नहीं कर सकते।

Also read:  धर्म परिवर्तन को लेकर मेरठ से बड़ी खबर, 400 लोगों से करवाया जबरन धर्म परिवर्तन

वहीं रविवार को जींद में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम खट्टर ने साफ तौर पर कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। सीएम खट्टर ने कहा कि भ्रष्टाचार का काल, मनोहर लाल, मनोहर लाल। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Also read:  सबरीमाला तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस मंगलवार को केरल के पथनमथिट्टा जिले में एक गहरी खाई में गिर गई

इससे पहले सीएम खट्टर ने कहा था कि चंडीगढ़ को लेकर पंजाब का फैसला निंदनीय है। लोकतंत्र की एक व्यवस्था होती है, लेकिन इन्होंने एक तरफा फैसला लिया है। इस तरह के फैसलों की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को हरियाणा के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

Also read:  अमेरिकन कंपनी टेस्ला को हुआ 126 अरब डॉलर का नुकसान, टेस्ला के CEO Elon Musk ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का सौदा किया था

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ बनी रहेगी। हमारे पास कई मुद्दे हैं, जिन पर बात की जानी चाहिए।