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सुप्रीम कोर्ट में आज अहम दिन है क्योंकि देश के कई अहम मुद्दों पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 2002 गुजरात दंगों के समय चर्चित बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में दोषियों को छोड़े जाने खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी।

 

इसके अलावा पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले की सुनवाई भी आज ही सुप्रीम कोर्ट में होगी। इन अहम मामले के अलावा कई और मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट को लेकर प्रवर्तन निदेशालय को दी गई शक्ति की वैधता को सही ठहराए जाने के खिलाफ दायर याचिका और लोगों के कथित फोन टैप से जुड़े पेगासस जासूसी मामले में सुनवाई प्रमुख है।

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क्या है ईडी की शक्ति को वैध करने के खिलाफ समीक्षा याचिका

दरअसल, 2018 में सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में प्रवर्तन निदेशालय को विशेष शक्ति दी थी। इस शक्ति के खिलाफ कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने की 27 तारीख को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारों और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा था ईडी को गिरफ्तारी का अधिकार है। इसके साथ ही ईडी की शक्तियों को भी बरकरार रखा था। 27 जुलाई को कार्त चिदंबरम ने ईडी की शक्तियों को बरकरार रखने के फैसले पर फिर से विचार करने के लिए याचिका दाखिल की थी। जिसे सीजेअई एनवी रमण, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने स्वीकार कर लिया था। आज इस मामले में अहम सुनवाई होगी।

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पेगासस जासूसी मामला

पिछले साल भारत के राजनेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी किए जाने वाले पेगासस जासूसी का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। मामले में सरकार पर आरोप लगाया गया था कि सरकार पेगासस स्पाईवेयर के जरिए लोगों की जासूस कर रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर रही टेक्निकल कमेटी को मई में 4 सप्ताह का समय दिया था। यह मियाद पूरी हो गई है। इस रिपोर्ट में कमेटी को यह बताना है कि क्या लोगों के फोन या अन्य डिवाइस में जासूसी करने के लिए पेगासस स्पाईवेयर डाला गया था।आज इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमना और जस्टिस सूर्यकांत और हिमा कोहली की बेंच करेगी।

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