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पिछले काफी दिनों से पुडुचेरी में राजनीतिक संकट जारी है। केंद्र सुरकार ने बुधवार को पुडुचेरी में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है। बीते दिनों कांग्रेस की सरकार गिर जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को मंजूरी दे दी। इस हफ्ते की शुरुआत में विश्वास मत हासिल न कर पाने के कारण कांग्रेस की नारायणसामी सरकार गिर गई थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधानसभा में विश्वासमत गंवाने के एक दिन बाद पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी और उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी समेत उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा 22 फरवरी से स्वीकार कर लिया है। पुडुचेरी की उपराज्यपाल के राजनिवास द्वारा अधिसूचना की एक प्रति मीडिया को उपलब्ध कराई गई।

मुख्य सचिव अश्वनी कुमार ने कहा कि पुडुचेरी सरकार के गजट में अधिसूचना पुर्नप्रकाशित की गई है। विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी के इस्तीफे के कारण सोमवार को पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार गिर गई। हाल ही में कई कांग्रेस विधायकों और बाहर से समर्थन दे रहे द्रमुक के एक विधायक के इस्तीफे के कारण केन्द्रशासित प्रदेश की सरकार अल्पमत में आ गई थी। नारायणसामी ने उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन से भेंट कर चार सदस्यीय मंत्रिमंडल का इस्तीफा उन्हें सौंपा।

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पुडुचेरी में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि  मुख्यमंत्री नारायणस्वामी और उनके मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद किसी पार्टी ने सरकार बनाने का दावा नहीं किया। इसके उपराज्यपाल से 14वीं विधानसभा को निलंबित करने की सिफारिश की। उनकी मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा को भंग किया गया।