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दो बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ सोमवार और मंगलवार को देशभर में बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। दो दिन बैंक बंद रहने से बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में पैसा निकालने और जमा करने, चेक क्लीयरेंस और ऋण मंजूरी जैसी सेवाओं पर असर पड़ेगा।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) बैनर के तले नौ यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया है। ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने 10 लाख बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया है। इसी बीच पश्चिम बंगाल से भी हड़तालें की तस्वीरें सामने आ रही हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बैंकों ने सोमवार और मंगलवार को बंद करने का आह्वान किया है।

बैंकों की दो दिन की हड़ताल के बाद भी एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। हालांकि हड़ताल के दौरान ग्राहकों के पास ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसे दूसरे विकल्प मौजूद रहेंगे। इसके अलावा ग्राहक यूपीआई भुगतान सेवाओं और घर बैठे नेट बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एलान किया था कि सरकार ने इस साल दो सरकारी बैंकों और एक बीमा कंपनी के निजीकरण का फैसला किया है। सरकार इससे पहले आईडीबीआई बैंक में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम को बेच चुकी है। पिछले चार साल में सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों का विलय किया जा चुका है।