English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-06-14 200206

आरसीपी सिंह को नैतिकता के आधार पर केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। 7 जुलाई के बाद आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। आरसीपी सिंह की आगे पार्टी में उनकी क्‍या भूमिका रहेगी, फिलहाल यह तय नहीं है।

 

 जदयू कोटे से केन्द्र में मंत्री बने पार्टी के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष आरसीपी सिंह के इस्तीफे की मांग अब उन्हीं के दल के नेताओं के द्वारा की जाने लगा है। जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह से इस्तीफे की मांग की है।

Also read:  पीएम को आज लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित, महाराष्ट्र की सियासत में बढ़ी गर्मी

उन्होंने कहा है कि आरसीपी सिंह को नैतिकता के आधार पर केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि 7 जुलाई के बाद आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा ने आज आरसीपी सिंह के चार करीबियों की पार्टी से बर्खास्‍तगी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देने के दौरान यह बात कही।

Also read:  Rajya Sabha Election in UP: उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की दस सीटों के लिए नौ को होगा मतदान

उन्‍होंने यह भी कहा कि आरसीपी सिंह की आगे पार्टी में उनकी क्‍या भूमिका रहेगी, फिलहाल यह तय नहीं है। इस तरह से राज्यसभा का टिकट कटने के बाद से ही केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता आरसीपी सिंह को लेकर अटकलें तेज हैं। उल्लेखनीय है कि आरसीपी सिंह केंद्र सरकार में मंत्री हैं, लेकिन उनका राज्‍यसभा का कार्यकाल सात जुलाई को समाप्‍त हो रहा है।

Also read:  आप ने भाजपा पर हमला बोला, दिल्ली में सफाई के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं

संवैधानिक दृष्टि से मंत्री बने रहने के लिए उनको छह महीने के अंदर संसद के किसी भी सदन का सदस्‍य बनना जरूरी है। लेकिन अब यह संभव नही है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा ने इस प्रावधान की ओर इशारा करते हुए कहा कि संविधान के हिसाब से जबतक कोई संसद सदस्‍य है, मंत्री रह सकता है। लेकिन उन्‍हें नैतिक आधार पर स्थितियों को देखते हुए फैसला करना चाहिए।