English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-07-04 180632

लम्बे समय तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस का आज यूपी में क्या हाल है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कभी नेहरू-गांधी परिवार की धुरी रहे प्रयागराज में ही उसका ऐतिहासिक जवाहर स्क्वायर दफ्तर खतरे में पड़ गया है। यहां उसका ऐतिहासिक जवाहर स्क्वायर ऑफिस का किराया देने के लिए पैसे नहीं हैं। किराया अदा न करने के चलते बिजली भी कट गई है।

 

मीडिया में खबरें आने के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं में अब कुछ हलचल हुई है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी किराया जमा करने की दिशा में पहल की है। इनमें सांसद प्रमोद तिवारी के अलावा प्रदेश कार्यालय के जन प्रतिनिधि और कुछ स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। बताया जा रहा है कि किराए के कार्यालय का करीब पौने चार लाख रुपये बकाया है। रविवार को कांग्रेस की एक आपात बैठक बुलाई गई जिसमें पार्टी पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि चंदा जुटाकर दफ्तर का किराया चुकाएंगे। चौक स्थित मोहम्मद अली पार्क में शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय का इतिहास राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ा रहा है।

Also read:  यूपी में तीसरे चरण के लिए थमा चुनाव प्रचार,20 फरवरी को UP में 59 और पंजाब में सभी 117 सीटों पर वोटिंग

: 300 साल पहले इस पेड़ से शुरू हुआ दशहरी आम का सफर, डीएम लखनऊ ने की ‘मदर ऑफ मैंगो ट्री’ की पूजा

Also read:  ओमान-एतिहाद रेल कंपनी कंपनियों से प्रीक्वालिफिकेशन बोलियां आमंत्रित करती है

कांग्रेस के पुराने नेताओं के अनुसार वर्ष 1907 में कांग्रेस का पहला कार्यालय हीवेट रोड पर खुला था। 1938 में यह कार्यालय चौक में शिफ्ट किया गया। बाद में शहर कार्यालय का नाम जवाहर स्क्वायर कर दिया गया।

35 रुपए माहवार था किराया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस दफ्तर का किराया शुरू-शुरू में 35 रुपए प्रतिमाह था। साल-2015 में कोर्ट ने 400 रुपए प्रतिमाह निर्धारित किया जो बाद में 5400 रुपए प्रतिमाह हो गया। 2020 में 50 हजार रुपए किराया जमा कराया गया था। बताया जा रहा है कि उसके बाद से बकाया लगता चला गया। करीब एक हफ्ते पहले कोर्ट ने नोटिस जारी कर 15 जुलाई तक बकाया किराया जमा कराने को कहा था।

Also read:  शुभेंदु अधिकारी ने फिर साधा निशाना, कहा- दिसंबर महीना है ममता सरकार की डेडलाइन

स्थानीय कांग्रेसियों के अनुसर प्रदेश कमेटी ने दो लाख रुपए दिए हैं। पदाधिकारियों से बाकी राशि जुटाकर जमा करने को कहा गया है। कांग्रेसियों का कहना है कि हर हाल में दफ्तर को बचाया जाएगा।