English മലയാളം

Blog

किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई हुई है. शीर्ष अदालत ने इस मामले में भारतीय किसान यूनियन और कई अन्य किसान संघों को मामले में पक्षकार के रूप में बनाने की अनुमति दी है. कोर्ट ने केंद्र, पंजाब, हरियाणा को नोटिस जारी किया और उन्हें कल तक जवाब देना है. कल इस मामले में फिर सुनवाई होगी.

Also read:  पीएम मोदी ने नए संसद भवन की बिल्डिंग के अशोक स्तंभ का किया उद्घाटन, मूर्ती कांस्य की बनी है जिसका मूर्ति का वजन 6500 KG है

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम इस मामले में एक कमिटी का गठन करेंगे, जो इस मसले को सुलझाएगी. इसमें किसान संगठन, केंद्र सरकार और अन्य लोग होंगे. कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘ऐसा लग रहा है कि सरकार और किसानों के बीच बातचीत से हल फिलहाल नही निकलता दिख रहा है.’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टसरकार की बातचीत फेल हो जाएगी और यह जल्द ही राष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा. समिति बनाकर बातचीत से मसला सुलझाएंगे.

Also read:  उत्तराखंड में टैक्स फ्री होगीफिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज', सीएम धामी ने लिया फैसला

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, कानून-व्यवस्था के मामले में कोई मिसाल नहीं दी जा सकती है। वहीं, सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र और पंजाब-हरियाणा की राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई कल होगी।