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नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन के डर को देखते हुए नए साल के मौके पर राज्यों से कहा है कि पाबंदियों को लेकर राज्यों से विचार करने को कहा है. नए साल की शुरुआत के पहले केंद्र ने राज्यों को कुछ प्रतिबंध सुझाए हैं, हालांकि, आखिरी फैसला राज्यों को करना है. बता दें कि यूके में मिला कोरोनावायरस का म्यूटेंट स्ट्रेन भारत में प्रवेश कर चुका है. अब तक वहां से लौटे 20 यात्रियों में यह नया स्ट्रेन मिला है, जिसे लेकर सरकार अलर्ट पर है.

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केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राज्यों को एक चिट्ठी लिखकर कहा कि ‘देश में पिछले साढ़े तीन महीनों से कोरोनावायरस के सक्रिय मामलों में लगातार कमी आ रही है. लेकिन अमेरिका और यूरोप में संक्रमण के बढ़ते मामले देखकर अभी भी देश में एहतियात बरतने की कोशिश है.’ इस चिट्ठी में कहा गया है कि ‘नए साल और इससे जुड़े आयोजनों को देखते हुए संभावित ‘सुपर स्प्रेडर’ इवेंट्स और जगहों को लेकर सावधानी बरतनी होगी.’

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हालांकि, इस चिट्ठी में कहा गया है कि दूसरे राज्यों के बीच और एक राज्य के बीच में लोगों और मालवाहक की आवा-जाही पर कोई रोक नहीं लगेगी.

केंद्र ने यह एडवाइज़री ऐसे मौके पर जारी किया है जब फेस्टिव सीज़न को लेकर भारत में कोविड को लेकर खतरा बढ़ रहा है. भारत में एक बीच रोज आने वाले केस का उच्चतम आंकड़ा 97,000 और दिल्ली में 8,500 तक पहुंच गया था. लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से मामले 25,000 से नीचे ही रह रहे हैं. बुधवार को केस में 20,000 से ऊपर केस सामने आए हैं.

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दरअसल, यूके से आने वाला यह वायरस 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे मौतें तो ना बढ़ें शायद लेकिन चूंकि यह ज्यादा तेज फैलता है, ऐसे में इससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ सकती है.