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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जेल में की गई पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया है।

 

सीएम केजरीवाल ने आप नेता मनीष सिसोदिया की ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी का ठीकरा सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर फोड़ा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीते गुरुवार को कहा कि सारा देश देख रहा है कि किस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और उसके जरिये ईमानदार नेताओं को जेल में डालने का काम कर रहे हैं।

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आप संयोजक केजरीवाल ने कहा, “मनीष को पहले सीबीआई ने गिरफ्तार किया, जबकि सीबीआई को सबूत भी नहीं मिले। जब छापे में पैसे ही नहीं मिले तो कल जमानत पर होने वाली सुनवाई में मनीष जेल से छूट सकते थे। लिहाजा ईडी ने पैंतरा दिखाते हुए जेल में ही मनीष को गिरफ्तार कर लिया। उनका (मोदी सरकार) एक ही मकसद है कि हर रोज नए फर्जी केस बनाकर मनीष को किसी भी कीमत में जेल के भीतर रखना है। जनता देख रही है और प्रधानमंत्री मोदी को इसका जवाब देगी।’

वहीं अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली भाजपा प्रमुख विपक्षी वीरेंद्र सचदेव ने कहा कि ईडी द्वारा की गई मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी ने उस पुरानी कहावत को सच कर दिया है, जिसमें कहा जाता है कि ‘जो बोओगे वही काटोगे’।

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प्रदेश भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि मनीष सिसोदिया शराब घोटाले का हिस्सा हैं। सचदेवा ने कहा, “केजरीवाल सरकार का शराब घोटाला एक बहुत बड़ा घोटाला है। इसलिए हर चुनाव में आम आदमी पार्टी को जनता के बीच मनीष सिसोदिया की भूमिका के बारे में बहुत कुछ बताना होगा।”

मालूम हो कि ईडी ने गुरुवार को तिहाड़ जेल में बंद मनीष सिसोदिया को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। ईडी अब शुक्रवार को विशेष पीएमएलए अदालत से सिसोदिया के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट प्राप्त करने के लिए जाएगी। अगर शुक्रवार को सिसोदिया को सीबीआई मामले में जमानत मिल जाती है, तब ईडी कोर्ट से उनकी हिरासत मांग सकती है।

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बताया जा रहा है कि अगर कोर्ट से ईडी को मनीष सिसोदिया की हिरासत मिल जाती है, तो वो उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी दफ्तर ले जा सकती है और आबकारी नीति मामले में अन्य आरोपियों के साथ उनके बयान रिकॉर्डिंग कर सकती है।