English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-10-03 103519

 गुजरात में विधानसभा चुनाव के ऐलान के पहले ही सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। इस बीच गुजरात में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से संबंधित एक ओपिनियन पोल सामने आया है जिसमें अनुमान लगाया गया है कि भाजपा 135-145 के बीच सीट जीतकर लगातार सातवीं बार सत्ता पर काबिज होगी।

 

एबीपी न्यूज-सी वोटर द्वारा कराये गये चुनाव पूर्व सर्वेक्षण की मानें तो, भाजपा और कांग्रेस के मत प्रतिशत में कमी देखी जा सकती है जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को उल्लेखनीय मत प्रतिशत हासिल होने की संभावना है लेकिन उसे 182 सदस्यीय विधानसभा में महज एक या दो सीट ही गुजरात में मिलती नजर आ रही है।

Also read:  उत्तराखंड में बारिश की संभावना, कश्मीर में कई जगहों पर ताजा बर्फबारी हुई

कांग्रेस को 36-44 सीट

एबीपी न्यूज-सी वोटर द्वारा कराये गये सर्वेक्षण के मुताबिक कांग्रेस को 36-44 सीट मिल सकती हैं। बताया जा रहा है कि इस ओपिनियन पोल में जिन लोगों से राय ली गयी उनमें ज्यादातर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दूसरे कार्यकाल में पक्ष में दिखे। एबीपी न्यूज की ओर से एक विज्ञप्ति आयी है जिसमें कहा गया है कि एबीपी न्यूज -सी वोटर ओपिनियन पोल के अनुसार सत्तारूढ़ भाजपा के गुजरात में 1995 के बाद से लगातार सातवीं बार चुनाव जीतने का अनुमान है।

Also read:  ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति की पत्नी ने ओमानी महिला उद्यमियों से की मुलाकात

पार्टियों का वोट प्रतिशत

सर्वेक्षण में कहा गया कि भाजपा को 135-143 सीट मिलने की संभावना नजर आ रही है जो 2017 में उसे मिली 99 सीट के मुकाबले बहुत ज्‍यादा है। इस ओपिनियन पोल में अनुमान व्यक्त किया गया है कि भाजपा को 46.8 प्रतिशत (2017 के 49.1 फीसद से कम), कांग्रेस को 32.3 प्रतिशत (2017 के 41.4 फीसद से कम) वोट मिलेंगे जबकि आप को 17.4 फीसद वोट मिल सकते हैं।

Also read:  आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को इमाम संगठन के दफ्तर पहुंचे, इमाम उमर अहमद इल्यिासी शोएब अहमद इलयासी से की मुलाकात

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 का हाल

यदि आपको याद हो तो साल 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे पार्टी को बल मिला था। गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 77 जबकि भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा को 99 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि बाद के वर्षों में कांग्रेस के कई विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था।