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उत्तराखंड में पिछले दो दिन से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। भारी बारिश के बीच चंपावत में भूस्खलन हुआ है। जिसके बाद टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

 

टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। हालांकि, भूस्खलन की इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

IMD ने जारी किया अलर्ट

उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी भी हो चुकी है। इससे निचले इलाकों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ताजा मौसम की बात करें तो भूस्खलन के बाद टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग फिलहाल बंद है। वहीं, चमोली जिले के हेमकुंड साहिब में ताजा बर्फबारी हुई है। हेमकुंड साहिब बर्फ की सफेद चादर से लिपटा हुआ नजर आ रहा है।

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मौसम‍ विभाग ने आज यानी 9 अक्टूबर के लिए उत्तराखंड के कुमायूं क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है। इसमें चंपावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में फ्लैश फ्लड या बरसाती उफान की भी चेतावनी है। मौसम विभाग ने आज (रविवार) के लिए पिथौरागढ़, बागेश्‍वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

12 अक्टूबर तक तेज बारिश के आसार

IMD के मुताबिक, 12 अक्‍टूबर तक कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने और तेज बारिश होने की भी आशंका है। इसी के चलते सभी स्‍थानीय लोगों और टूरिस्‍टों से सावधान रहने और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचने को कहा है। तापमान की बात करें तो इन दिनों न्यूनतम तापमान 21 से 22 और अधिकतम तापमान 31 तक बना रहने की संभावना है।

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हिमस्खलन से हुआ भारी नुकसान

प्रदेश में खराब मौमस के बीच पिछले दिनों उत्तरकाशी में हिमस्खलन से भारी जानमाल का नुकसान भी हुआ है। जिसकी वजह भी खराब मौसम ही बताया गया। देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के ग्लेशियोलॉजिस्ट और हिमालयन एक्सपर्ट डॉ. मनीष मेहता का कहना है कि इस समय पहाड़ों पर ताजा बर्फ गिरी है। जो बेहद नाजुक है. बारिश भी रुक-रुक कर हो रही है। जिसकी वजह से ग्लेशियर टूट जाते हैं। ताजा बर्फ बारिश की वजह से ढाल वाली चोटियों से खिसकने लगती हैं।

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