English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-04-04 123501

चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपने दावे को फिर मजबूत करने की नाकाम कोशिशों के तहत राज्य में 11 स्थानों के नाम बदलने का ऐलान कर दिया। मीडिया में खबर आने के बाद भारत ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जवाब देते हुए कहा कि हमने इस तरह की रिपोर्ट देखी है। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह का प्रयास किया है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग था, है, और रहेगा। ऐसे प्रयास से वास्तविकता नहीं बदलेगी।

Also read:  14वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भारत के दो दिवसीय दौरे पर, पीएम मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता

जानें क्या है पूरा मामला

बता दें कि चीन (China) के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के लिए चीनी, तिब्बती और पिनयिन वर्णों में नामों का तीसरा सेट जारी किया है, जो कि उसके भारतीय राज्य पर अपने दावे को फिर से मजबूत करने की नाकाम कोशिश है। इन्हे चीन “तिब्बत का दक्षिणी भाग जंगनान” कहता है।

Also read:  MoE की बैठक में 'हाइकिंग रेंट' की चर्चा

चीन ने 11 स्थानों के आधिकारिक नाम जारी किए

चीनी मंत्रालय द्वारा रविवार को 11 स्थानों के आधिकारिक नाम जारी किए गए, जिसमें दो भूमि क्षेत्रों, दो आवासीय क्षेत्रों, पांच पर्वत चोटियों और दो नदियों सहित सटीक निर्देशांक भी दिए गए और स्थानों के नाम और उनके अधीनस्थ प्रशासनिक जिलों की श्रेणी सूचीबद्ध की गई। राज्य द्वारा संचालित ग्लोबल टाइम्स ने सोमवार को सूचना दी।

Also read:  मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस आज,प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

चीन ने तीसरी बार किया यह कृत्य

चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के लिए मानकीकृत भौगोलिक नामों का यह तीसरा बैच है। अरुणाचल में छह स्थानों के मानकीकृत नामों का पहला बैच 2017 में जारी किया गया था, और 15 स्थानों का दूसरा बैच 2021 में जारी किया गया था।