English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-01-31 113910

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी का मानसिक रूप से बीमार बच्चा भी पारिवारिक पेंशन पाने का हकदार है।

उन्होंने कहा कि पेंशन और पेंशनर कल्याण विभाग के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले आए हैं कि बैंक मानसिक रूप से बीमार आश्रित बच्चों को पारिवारिक पेंशन नहीं दे रहे हैं और इसके लिए अदालतों से अभिभावक पत्र लेकर आने को कह रहे हैं।

Also read:  सोनिया गांधी फिर हुई कोरोना संक्रमित, कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर दी जानकारी
कार्मिक मामलों के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार आम आदमी की जिंदगी को सुगम बनाने के लिए प्रयासरत है। ऐसी स्थिति में मानसिक विकलांगता का सामना कर रहे किसी आश्रित बच्चे से पेंशन के लिए अभिभावक पत्र मांगना नॉमिनी की पूरी कवायद को ही निरस्त कर देता है।

Also read:  कृषि कानूनों को लेकर ट्वीट करने पर दिल्ली पुलिस ने ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ दर्ज की FIR

उन्होंने कहा कि बैंकों की यह मांग वर्ष 2021 में लाए गए केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम का भी उल्लंघन करती है। उन्होंने कहा कि पेंशन वितरित करने वाले सभी बैंकों के चेयरमैन और प्रबंध निदेशकों को इस बारे में जरूरी निर्देश जारी करने के सुझाव दिए गए हैं। ताकि वे अभिभावकता सर्टिफिकेट की मांग न करें।

Also read:  यूपी नगर निकाय चुनाव में अंतिम चरण के तहत 38 जिलों में मतदान, 6,111 मतदेय स्थल एवं 1,798 मतदान केंद्र बनाये गये

जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन विभाग ने हालिया समय में पारिवारिक पेंशन को लेकर कई बड़े सुधार किए हैं। इनमें तलाकशुदा बेटी के लिए नियमों में ढील देना भी शामिल है। इसके अलावा बुजुर्ग पेंशनरों के लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए मोबाइल ऐप के जरिए फेस रिकग्नीशन तकनीक लाना भी मंत्रालय के अहम सुधारों में शामिल है।