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अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर सेना ने फिर अपना पक्ष रखा है और इस स्कीम को लेकर चल रही अफवाहों को नकारा है।

डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के अतिरिक्त सचिव, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि, जब भी कोई रिफार्म आता है तो उस पर सवाल भी उठते हैं लेकिन यह देश की रक्षा का सवाल है। इस योजना को लेकर कुछ ग़लत खबरें भी चलाई जा रही है जो कि दिन भर में फेंक न्यूज़ बन गई। किसी ने यह अफवाह भी फैला दी थी कि पुराने जवानों को भी इस योजना में भेजा जाएगा। यह फर्जी खबर थी।

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अनिल पुरी ने साफ किया कि, इस योजना में भर्ती के लिए ट्रेनिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऑल इंडिया ऑल क्लास भर्ती और रेजिमेंट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि, कई समय से इस स्कीम पर काम चल रहा था कई कमेटी ने अपने सुझाव दिए थे। तीनों सेना के अधिकारियों में अग्नि पथ स्कीम के लिए 150 बैठकें हुई और 500 घंटे तक मंथन किया गया। रक्षा मंत्रालय ने 60 मीटिंग की, जिसमें 150 घंटे तक विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा सरकार ने भी 44 बैठकें हुईं जिसमें 100 घंटे तक चर्चा हुई।

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लेफ्टिनेंट अनिल पुरी ने कहा कि, ये देखकर अच्छा लग रहा है कि देश के नौ जवानों ने अपनी फ़िज़िकल ट्रेनिंग कर रहे है हम देशभक्ति का मौक़ा दे रहे हैं और युवा इसे अपने हाथों से न जाने दें। फौज में काम करना एक जज़्बा और जुनून है नौकरी नहीं। उन्होंने बताया कि, भर्ती के लिए पुलिस वेरिफ़िकेशन हमेशा होती है और हम शपथ पत्र ज़रूर लेंगे।

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बता दें कि अग्निपथ योजना के ऐलान के बाद देश के कुछ हिस्सों में युवाओं ने इसके विरोध में हिंसक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पथराव और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस स्कीम के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में केंद्र सरकार ने 35 वॉट्सऐप ग्रुप पर बैन लगा दिया था और युवाओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी।