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शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने वीडियो जारी कर कहा कि सीएम ममता बनर्जी को सभी विश्वविद्यालयों का चांसलर नियुक्त करने पर कानूनी राय ली जाएगी।

 

पश्चिम बंगाल में राज्यपाल बनाम सरकार मामला अब और भी गहराता जा रहा है। राज्य सरकार अब राज्यपाल की शक्तियों को छीनकर सीएम के हाथों में देने की तैयारी कर रही है। ऐसे में राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु का बयान सामने आया है, उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में ममता बनर्जी को नामित करने पर विचार कर रही है और इसके लिए कानूनी राय भी ली जा रही है। दरअसल, शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें कोई भी कुलपति नहीं पहुंचा। इसके बाद राज्यपाल धनखड़ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था के हालात चिंताजनक हैं। इसके कुछ ही देर बाद शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने वीडियो जारी कर कहा कि सीएम ममता बनर्जी को सभी विश्वविद्यालयों का चांसलर नियुक्त करने पर कानूनी राय ली जाएगी।

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राज्यपाल ने लगाए आरोप 
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार शिक्षाविदों को डराने-धमकाने का काम कर रही है। यही कारण है कि विश्वविद्यालयों के कुलपति ने बैठक में प्रतिभाग नहीं किया। इधर, शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने ट्विटर पर कहा कि – ‘यह आत्मनिरीक्षण का सही समय है कि क्या हमें राज्यपाल की औपनिवेशिक विरासत को केवल उसके पद के आधार पर विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में जारी रखना चाहिए या हमें प्रतिष्ठित विद्वानों और शिक्षाविदों को कुलाधिपति के रूप में नामित करना चाहिए।’

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जब तक कुलाधिपति नहीं तब तक ममता बनें चांसलर 
ब्रत्य बसु ने कहा कि जब तक किसी योग्य व्यक्ति को कुलाधिपति के रूप में चयनित नहीं कर लिया जाता है। तब तक ममता बनर्जी को विश्वविद्यालयों का चांसलर नामित किया जाए। इसके लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। आगे कहा कि राज्यपाल का काम सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना रह गया है।

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