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474 परीक्षार्थियों में से प्रथम पाली में 399 परीक्षार्थी शामिल हुए। जांच के क्रम में दूसरे के बदले परीक्षा देने आए 55 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। इनके विरुद्ध एफआईआर होगी।

 

 एसएस बालिका प्लस टू हाई स्कूल में आयोजित संस्कृत बोर्ड द्वारा मध्यमा की परीक्षा में सोमवार को पहले दिन 55 स्कॉलर पकड़े गए। इसमें युवतियां समेत 47 महिलाएं शामिल हैं जिन्हें पकड़ा गया है। यह पहली बार हुआ है जब इतनी संख्या महिला स्कॉलर पकड़ी गई हैं।

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पहले दिन की पहली पाली में ही 55 फर्जी परीक्षार्थी एक्सपेल्ड किए गए। परीक्षा दो पाली में ली गई। निरीक्षण के दौरान वरीय पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा कदाचार मुक्त वातावरण में होना चाहिए। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले दंडाधिकारी, वीक्षक एवं केंद्र अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के पहले दिन सख्ती देख आगे की परीक्षा में नकलची ऐसी गलती करने से अब बचेंगे।

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प्रवेश पत्र के अलावा नहीं जाएगा कोई सामान

डीईओ केशव प्रसाद ने केंद्राधीक्षकों को सख्त निर्देश दिया कि हर हाल में कदाचार मुक्त परीक्षा कराएं। उन्होंने बताया कि कदाचारमुक्त संचालन के लिए परीक्षार्थियों की मुख्य गेट पर ही गहन तरीके से जांच की जाएगी। प्रवेश पत्र के अलावा कोई भी परीक्षार्थी अन्य सामान नहीं ले जा सकते हैं, लेकिन आज 55 फर्जी परीक्षार्थी निष्कासित किया गया है।

एसडीएम कुमार अनुराग ने दिया निर्देश

इधर, एसडीएम कुमार अनुराग ने कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना द्वारा आयोजित मध्यमा की परीक्षा बिहारशरीफ मुख्यालय के एकमात्र परीक्षा केंद्र एसएस बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित की गई है। इसमें 474 परीक्षार्थियों में से प्रथम पाली में 399 परीक्षार्थी शामिल हुए। प्रशासन के जांच के क्रम में दूसरे के बदले परीक्षा देने आए 55 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। उन्हें निष्कासित करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर करने का निर्देश दिया गया है।

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