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प्रसिद्ध वकील एवं बीजेपी नेता महेश जेठमलानी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश और चीनी कंपनी हुवावे के बीच साठगांठ होने का आरोप लगाया है। जेठमलानी ने अपने इस दावे के समर्थन में जयराम रमेश की किताब के अंश का हवाला दिया और चीन तथा चीनी दूरसंचार कंपनी के साथ अपने संबंधों का खुलासा करने को कहा।

 

महेश जेठमलानी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि ‘वर्ष 2005 से जयराम रमेश भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनी हुवावे की गतिविधियों के लिए पैरवी कर रहे हैं। जबकि हुवावे को सुरक्षा खतरे के मद्देनजर कई देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है।’

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वही जयराम अब चीन के प्रति भारत सरकार के रुख पर सवाल उठाते हैं। उनके लिए बेहतर होगा कि वह हुवावे से अपने संबंधों का खुलासा करे।’

वहीं समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में रमेश ने कहा, ‘जहां तक जयराम रमेश के चीन का पालतू होने का संबंध है, यह बहुत स्पष्ट है। मैंने एक लिंक साझा किया है, जिसमें चीनी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं और भारत सरकार से कह रहे हैं कि वह जो कह रहे हैं उस पर ध्यान दें… एक जिम्मेदार भारतीय के रूप में, मुझे चिंता है कि वह सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भारत की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।’

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इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मुझे चिंता है कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति के लिए, अगर एक सांसद के रूप में पूछताछ की भावना से किया गया था, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं था। लेकिन आप भारत विरोधी और चीन समर्थक लाइन ले रहे हैं… क्या आप भारत के लिए वास्तविक चिंता या प्रेरित हित पर बोल रहे हैं?’

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