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नई दिल्ली: 

भारत में भी यूके वाले कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन की एंट्री हो गई है. ब्रिटेन से लौटने वाले छह मरीज इस म्यूटेंट कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं. इन सभी लोगों को सिंगल आइसोलेशन रूम में रखा गया है. इनके संपर्क में आए करीबी लोगों को भी क्वारंटाइन में रखा गया है.

बता दें कि कुल 33,000 यात्री यूके से भारत के अलग-अलग एयरपोर्ट पर 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच आए थे, जिनमें से अभी तक 114 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इनके सैंपल को जब जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया तो छह में नया स्ट्रेन मिला.

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सबसे पहले यूके में मिले इस वायरस के म्यूटेंट स्ट्रेन को पहले वाले वायरस से 70 फीसदी ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है. कोरोना का ये नया स्ट्रेन – जिसके वायरल जेनेटिक लोड में कम से कम 17 बदलाव हुए हैं – को पहली बार दक्ष‍िण-पूर्व इंग्लैंड में सितंबर में पहली बार मिला था. यह स्ट्रेन – B.1.1.7 – क्लीनिकल सीवीएरिटी या मृत्यु दर में कोई बदलाव नहीं करता है, लेकिन 70 प्रतिशत अधिक संक्रमणीय है.

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 20 दिसंबर को घोषणा की थी कि ब्रिटेन में लंदन सहित कई इलाकों में कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिला है, जो पहले से ज्यादा संक्रामक है. ब्रिटेन में पिछले कुछ दिनों में तेजी से संक्रमण बढ़ा भी था, जिसके बाद वहां तुरंत यूके के अधिकतर हिस्से में लॉकडाउन लगा दिया गया.

वायरस की जानकारी मिलने के एक दिन बाद ही भारत ने ब्रिटेन आने-जाने वाली फ्लाइट्स पर बैन लगाने की घोषणा कर दी थी. यह बैन 22 दिसंबर की रात 12 बजे से 31 दिसंबर की रात 12 बजे तक लागू किया गया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए वायरस को देखते हुए यूके से लौट रहे लोगों के लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोसिज़र भी जारी किया था. इसके तहत एयरपोर्ट पर ही यूके से लौट रहे यात्रियों का RT-PCR टेस्ट हो रहा था. पॉजिटिव पाए जाने वालों को बिल्कुल अलग आइसोलेशन में रखा जा रहा था. वहीं, इनके अंदर से मिले वायरस के जीनोम सीक्वेसिंग के लिए पुणे के नेशनल वाइरोलॉजी इंस्टीट्यूट भेजा जा रहा था.