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रविवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भारत की लाखों महिला आशा कार्यकर्ताओं को उनके काम के लिए सम्मानित किया। डब्लूएचओ द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की है।

पीएम मोदी ने आशा कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि उनका समर्पण और संकल्प सराहनीय है। सोमवार सुबह को प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘मुझे खुशी है कि देश की आशा कार्यकर्ताओं को डब्लूएचओ महानिदेशक के ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को बधाई। एक स्वस्थ्य भारत सुनिश्चित करने में वे सबसे आगे हैं। उनका समर्पण और संकल्प काबिले तारीफ है।’ 

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इससे पहले डब्लूएचओ ने अवार्ड दिए जाने की जानकारी दी थी। डब्लूएचओ ने ट्वीट किया, ‘ भारत में आशा कार्यकर्ताओं की महिलाओं की संख्या 1 मिलियन से भी अधिक है। समुदाय को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने और गरीब गांव वालों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराने में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाता है।’ डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने रविवार को छह पुरस्कारों की घोषणा की। ये पुरस्कार वैश्विक स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए नेतृत्व और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने के लिए दिए गए हैं। महानिदेशक घेब्रेयेसस ने ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’ के लिए विजेताओं का फैसला किया। इन पुरस्कारों की स्थापना 2019 में की गई थी और पुरस्कार समारोह 75वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के उच्च-स्तरीय उद्घाटन सत्र का हिस्सा था।

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WHO ने की प्रशंसा

डब्ल्यूएचओ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि आशा ने बच्चों को वैक्सीन-रोकथाम योग्य बीमारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल, उच्च रक्तचाप और तपेदिक के लिए उपचार और पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन के लिए स्वास्थ्य संवर्धन के मुख्य क्षेत्रों के खिलाफ मातृ देखभाल और टीकाकरण प्रदान करने के लिए काम किया।

पूनम खेत्रपाल ने भी दी बधाई

डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक, डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आशा स्वास्थ्य की सच्ची चैंपियन हैं जो लोगों के घर तक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल लाने में मदद करती हैं। उनका काम हमेशा अनुकरणीय रहा है, खासकर महामारी के दौरान। मैं इसके लिए दस लाख से अधिक महिला कर्मचारियों को बधाई देती हूं।’