English മലയാളം

Blog

Screenshot 2022-04-15 153100

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है, जिससे उनके (सुखराम के) भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

सपा सांसद के बेटे मोहित यादव, जो हाल में भाजपा में शामिल हुए थे, बृहस्पतिवार को अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री आवास पर गए।

 सुखराम (70) ने शुक्रवार कहा कि योगी आदित्यनाथ के लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वह उनसे नहीं मिल सके थे, इसलिए वह उन्हें बधाई देने गए थे। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सपा के वरिष्ठ नेता सुखराम, जिनके पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से कथित तौर पर कुछ मतभेद हैं, पार्टी छोड़ने और भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सपा सांसद की योगी से मुलाकात इसलिए भी मायने रखती है कि राज्यसभा में सुखराम का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है।

Also read:  बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष नजमुल हसन ने शाकिब अल हसन पर साधा निशाना

संपर्क किए जाने पर शुक्रवार को सपा सांसद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल खत्म होने और उप्र के मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात के बीच कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री से मिलने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा, चूंकि मैं चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह के बाद उनसे (मुख्यमंत्री से) नहीं मिल सका था, इसलिए मैं उनसे कल (बृहस्पतिवार) मिला और उन्हें बधाई दी।

Also read:  US पहुंचाने के एजेंट ने लिए थे डेढ़ करोड़! गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

उन्होंने बताया, उप्र के मुख्यमंत्री के साथ बैठक अच्छी रही। सुखराम, 2004-10 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद के अध्यक्ष रहे थे। वह जुलाई 2016 को सपा से राज्यसभा सदस्य चुने गये थे। उन्होंने कहा, मैंने पहले ही कहा है कि मेरे और पार्टी नेतृत्व के बीच कुछ मतभेद हैं।

Also read:  किसान आंदोलन को तेज करने के लिए आज सोनीपत में बनेगी रणनीति, लंबे संघर्ष का आह्वान

अखिलेश (यादव) जी ने पार्टी में अंदरूनी कलह के दौरान (2016 में) कहा था कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) 2017 के चुनाव के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाएंगे। सपा सांसद ने कहा, हालांकि, कई चुनाव हो चुके हैं, लेकिन इस संबंध में कुछ नहीं किया गया है। मैं केवल इतना चाहता हूं कि नेताजी का सम्मान बरकरार रहे।