English മലയാളം

Blog

Screenshot 2023-08-17 091040

हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में बार-बार भूस्खलन और बादल फटने की सूचनाएं मिल रही हैं जिससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। बीते दिनों से हो रही बारिश से अब तक 71 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं करोड़ों का नुकसान हो गया है। कांगड़ा से अब तक 1700 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया।

हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में बार-बार भूस्खलन और बादल फटने की सूचनाएं मिल रही हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। बीते चार दिनों हुई आफत की बारिश से 71 लोगों की मौत हो गई है और करोड़ों का नुकसान हुआ है। प्रदेश के अधिकतर जिले बाढ़ की चपेट में है। वहीं, पोंग बांध से पानी छोड़े जाने से कांगड़ा जिला बाढ़ की मार झेल रहा है। लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

कांगड़ा से रेस्क्यू किए गए 1700 लोग

कांगड़ा से अब तक 1,700 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया। जिला प्रशासन, सेना और भारतीय वायुसेना मिलकर राहत-बचाव का कार्य कर रही है। वहीं, शिमला के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। बीते दिनों में भी कई बार शिमला में भारी भूस्खलन हुआ है। कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई तो कई इमारतें ढहने के कागार पर हैं। शहरी विकास विभाग की कई इमारतों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

Also read:  गोवा कांग्रेस में कुछ ठीक नहीं चल रहा, राष्ट्रपति चुनाव से पहले 5 विधायकों को किया चेन्नई शिफ्ट

कृष्णनगर में हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत

शिमला के कृष्णनगर में भारी लैंडस्लाइड हुआ, जिसमें स्लॉटर हाउस सहित कई घर जमींदोज हो गए। कृष्णानगर वार्ड में स्लॉटर हाउस के पास पहाड़ खिसकने से 5 भवन गिर गए हैं। मंगलवार शाम को हुए इस हादसे रात के समय राहत कार्य जारी रहा। अभी तक इससे दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं।

Also read:  ISRO 14 फरवरी को लॉन्च करेगा PSLV-C52 सैटेलाइट

शिव मंदिर में 13 लोगों की मौत

इमारतों पर मंडरा रहे खतरों को देखते हुए वहां से 35 से अधिक घरों के निवासियों को खाली करा लिया गया। वहीं, शिव मंदिर में हुए हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। जैसे-जैसे बचावकर्मियों ने मलबे, मिट्टी और गिरे हुए पेड़ों के ढेर को सावधानीपूर्वक खंगाला, हर गुजरते पल के लोगों के शव बरामद हुए। अभी भी वहां कई लोग लापता हैं।