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उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र 23 मई को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इसी सत्र में वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय व्ययक (बजट) का प्रस्तुतीकरण होगा।

 

शनिवार को विधानसभा के विशेष सचिव बृज भूषण दुबे ने इसकी अंतिम अधिसूचना जारी की। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गठित दूसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का पहला सत्र 23 मई से शुरू होगा। जबकि मंगलवार को मंत्रिपरिषद ने विधानमंडल सत्र के संचालन के लिए मंजूरी दी थी।

विधानसभा के विशेष सचिव बृज भूषण दुबे की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 23 मई, सोमवार को राज्य विधान मंडल (विधान सभा और विधान परिषद) के एक साथ समवेत दोनों सदनों के समक्ष राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इस दिन राज्यपाल के अभिभाषण को पढ़कर सुनाये जाने के साथ ही अध्यादेशों, अधिसूचनाओं और विधेयकों को पटल पर रखा जाएगा।

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जानें पूरा शेड्यूल

अधिसूचना के मुताबिक, 24 मई (मंगलवार) और 25 मई (बुधवार) को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। दुबे के अनुसार, 26 मई को पूर्वाह्न वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय व्ययक (बजट) का प्रस्तुतीकरण होगा और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। इसके साथ अन्य विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे।

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वहीं, 27 मई को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और अन्य विधायी कार्य होंगे. जबकि 28 मई को बजट पर साधारण चर्चा होगी, तो 29 मई को सदन नहीं चलेगा। इसके बाद 30 मई को वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय व्ययक (बजट) पर साधारण चर्चा होगी। इसके अलावा 31 मई को वित्तीय वर्ष 2022-2023 के आय व्ययक (बजट) पर साधारण चर्चा, आय-व्ययक के अनुदानों की मांगों पर विचार व मतदान होगा। इसके बाद उसी दिन तीन बजे अपराह्न बजट पारित किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम में फेरबदल भी किया जा सकता है।

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यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के मुताबिक, इस बार देश के सबसे बड़े सूबे में ई विधान लागू करने की पहल की जा रही है। इस बार यह आंशिक रूप से पेपरलेस होगा तो आने वाले समय में इसे पूरी तरह पेपरलेस किया जाएगा। यही नहीं, यूपी विधानसभा में करीब 37 सीटें बढ़ाई गई हैं और सभी सीटों पर एक-एक टैबलेट देने की तैयारी है, ताकि सभी अपने सवाल आसानी से पूछ सकें।