English മലയാളം

Blog

26 जनवरी के दिन हुई हिंसा के आरोपी इकबाल सिंह और दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की टीम लाल किला लेकर पहुंची है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम दोनों से पूछताछ में जुटी है। इस जांच को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्राइम ब्रांच सीन रीक्रिएट कर घटना की जानकारी एकत्र करने में लगी हुई है। जिससे जाना जा सके कि कैसे लोग यहां पहुंचे, किस प्रकार से हिंसा हुई, क्या-क्या किया गया और किस प्रकार हिंसा के बाद ये लोग लौटकर गए।

इससे पहले आरोपी दीप सिद्धू ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए। दीप सिद्धू ने बताया कि लालकिला हिंसा के बाद संदीप सिंह उर्फ दीप सिद्धू ने सोनीपत में अपना मोबाइल बंद कर दिया था। इसके बाद इसने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया था। इसने इन लोगों के नामों से फोन कई दिन चलाए थे।

Also read:  गुजरात में तबाही मचाने के बाद अब बिपरजॉय राजस्थान की तरफ बढ़ रहा, सैकड़ों पेड़ गिरे, 1100 गांवों में बिजली गुल, पिता-पुत्र की मौत और 23 घायल

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जांच में ये भी पता लगा है कि दीपू सिद्धू ने व्हाट्सएप व मैसेंजर पर दो ग्रुप बना रखे थे। इस ग्रुप में लक्खा सिधाना और जुगराज जैसे आरोपी जुड़े थे। जुगराज ने ही लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराया था।

Also read:  तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा-मुफ्त कहकर कल्याणकारी योजनाओं का अपमान कर रही सरकार

अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये ग्रुप काफी पहले बनाए गए थे और इन ग्रुप में साजिश रचने की खूब बात होती थी। पुलिस दीप के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि व्हाट्सएप ग्रुप में क्या-क्या बात होती थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरूआती जांच के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने ग्रुप में ही लालकिला हिंसा व लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराने की साजिश रची थी। मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा।

Also read:  अशोक गहलोत ने BJP, RSS पर साधा निशाना, कहा- अलग-अलग राज्यों में हुई हिंसा की घटनाओं के पीछे पकड़े जा रहे आरोपी RSS और बीजेपी बैकग्राउंड से हैं

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीप सिद्धू करनाल में एक होटल में रुका हुआ था। दरअसल दीप 26 व 27 जनवरी तक दो मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। खास तौर पर 26 जनवरी की सीडीआर के जरिए दिल्ली पुलिस हिंसा में उसकी मौजूदगी को साबित करेगी।