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भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे पहले टेस्ट में, दोनों टीमों ने दूसरे दिन लेग स्पिनर शेन वार्न की याद में काली पट्टी बांधी। वार्न का शुक्रवार को 52 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

 

भारत और श्रीलंका टीम ने दूसरे दिन का मैच शुरु होने से पहले एक मिनट का मौन भी रखा। बीसीसीआई की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “रॉडनी मार्श और शेन वार्न के लिए पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले एक मिनट का मौन रखा गया, जिनका कल निधन हो गया। भारतीय क्रिकेट टीम भी आज काली पट्टी बांधेगी।”

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स्पिन के जादूगर थे वार्न

वार्न इतिहास के सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों में से एक थे। 1990 के दशक की शुरुआत में जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा तो उन्होंने अपने लेग स्पिन की कला से दुनिया को हैरान कर दिया। 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने तक, वह 700 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले पहले गेंदबाज बन गए थे। 1999 में ऑस्ट्रेलिया की आईसीसी क्रिकेट विश्व कप जीत में वार्न ने अहम भूमिका निभाई थी वह सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में मैन ऑफ द मैच रहे थे। विजडन क्रिकेटर्स अल्मनैक ने शेन की उपलब्धियों को बीसवीं शताब्दी के अपने पांच क्रिकेटरों में से एक के रूप में नामित किया। .

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ओवरऑल सेकेंड हाईएस्ट विकेट टेकर

वार्न ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 708 टेस्ट विकेट और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 293 विकेट हासिल किए। वह श्रीलंका के प्रतिद्वंद्वी मुथैया मुरलीधरन (1,347) के बाद सर्वकालिक अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। शेन ने 11 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की, जिसमें 10 में जीत और सिर्फ एक बार हार का सामना करना पड़ा।

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