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दुनिया भर में कोरोनावायरस की वजह से पिछले छह-सात महीने से सैलरी में कटौती झेल रहे स्टाफ के लिए अब राहत की खबर है. त्योहारी सीजन से ठीक पहले बहुत सी कंपनियों ने सैलरी कटौती वापस कर दी है. इसका मतलब यह है कि अब इन कंपनियों के स्टाफ को कोरोनावायरस के पहले के दौर वाली सैलरी मिलनी शुरू हो गई है.

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के बाद अब जब अनलॉक शुरू हुआ है तो आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटने लगी है. कुछ कंपनियां नवंबर से पहले अपने स्टाफ के लिए चरणबद्ध तरीके से कटी हुई सैलरी वापस करने में जुट गई है.

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इस तरह की कंपनियों में ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली लूमैक्स इंडस्ट्रीज, संधार टेक्नोलॉजीज, एडटेक फर्म अपग्रेड और टॉपर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी टीआईएल, इंटीरियर डिजाइन और होम डेकोर कंपनी लिवस्पेस, इंजीनियरिंग कारोबार की दिग्गज कंपनी फॉर्ब्स मार्शल एंड डेकी इलेक्ट्रॉनिक्स आदि शामिल हैं. भारत में कामकाज कर रही बहुत सी कंपनियों में कामगारों की सैलरी को रिस्टोर करने का काम प्राथमिकता पर जारी है. एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियां हालांकि इस समय भी वेट एंड वॉच के मूड में हैं. वह अपने टॉप मैनेजमेंट की सैलरी में कटौती अभी वापस लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है. एओन इंडिया के सीईओ नितिन सेठी ने कहा, “अगले कुछ महीनों में बहुत सी कंपनियां अपने स्टाफ की सैलरी रिस्टोर करने में जुटी रहेंगी.” कोरोना संकट के दौर में कई सेक्टर की कंपनियों ने अपने स्टाफ की सैलरी में 5 से लेकर 50% तक की कटौती की थी. बहुत सी कंपनियों ने मार्च के आखिरी हफ्ते से किए गए लॉकडाउन के दौर में अपने स्टाफ को काम से निकाला भीत था. इसका उद्देश्य कामकाजी लागत कम करना था. अब जब देश में कारोबारी स्थितियां सुधर रही हैं तो कुछ कंपनियां अपने स्टाफ का मनोबल बढ़ाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही हैं .उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जब ग्राहकों की मांग बढ़ेगी और उसके बाद कंपनियां इस तरह के और कदम उठा सकती हैं.

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