English മലയാളം

Blog

यह ट्वीट कोरोना के प्रति जागरूकता के लिए था

सिंधु ने यह ट्वीट लोगों को कोरोनावायरस के प्रति जागरूक करने के इरादे से किया था। उन्होंने ट्वीट में आगे लिखा, ‘यह महामारी मेरे लिए आंख खोलने वाली रही। मैं विरोधियों से लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर सकती हूं। पुरजोर ताकत के साथ आखिरी शॉट लगा सकती हूं। मैंने पहले भी ऐसा किया है, मैं फिर कर सकती हूं, लेकिन नजर न आने वाले इस वायरस को कैसे शिकस्त दूं, जिसने पूरी दुनिया को जकड़ रखा है।

Also read:  युवा तेज गेंदबाज उमरान मलिक का दावा, तोड़ दूंगा सबसे बड़ा ये रिकॉर्ड

घर में रहते महीनों हो गए और हर बार बाहर जाने के लिए हम खुद से सवाल करते हैं। इन सभी चीजों का एहसास करते हैं और ऑनलाइन इतनी दिल टूटने वाली कहानियां पढ़ीं कि अपने आप से सवाल करने लगी हूं कि हम कहां जी रहे हैं। डेनमार्क ओपन में भारत की अगुआई नहीं करना आखिरी स्‍ट्रॉ था।’

2019 में बनीं थी वर्ल्ड चैम्पियन

24 साल की पीवी सिंधु 2019 में बैडमिंटन में भारत की पहली वर्ल्ड चैंपियन बनी थीं। उन्होंने फाइनल में 2017 की चैंपियन जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराया था। यह सिंधु का वर्ल्ड चैंपियनशिप में 5वां मेडल था। वे ऐसा करने वाली दुनिया की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज जीते हैं।

Also read:  MI vs KKR: रोहित शर्मा बोले, 'मुझे डिकॉक के साथ खेलना पसंद, ज्‍यादातर समय वह रहता है आक्रामक '

डेनमार्क ओपन से नाम वापस ले लिया था

ओलिंपिक में सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु ने डेनमार्क ओपन से नाम वापस ले लिया था। हालांकि, बाद में कोरोना के कारण यह टूर्नामेंट अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया था। पहले यह टूर्नामेंट 13 से 18 अक्टूबर तक ओडेंस में होने वाला था।

Also read:  IPL 2020: मुंबई इंडियंस पांचवीं बार बनी चैंपियन, फिर रोहित ने छठी ट्रॉफी कैसे जीती

नेशनल कैम्प को छोड़कर लंदन जाने पर हुआ था विवाद

सिंधु हैदराबाद में चल रहे नेशनल कैम्प को छोड़कर लंदन चली गई थीं। इसके बाद अलग-अलग तरह के बयान सामने आए थे। उनके पिता का दावा था कि हैदराबाद में सिंधु सही ढंग से ट्रेनिंग नहीं कर पा रहीं थीं। नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सिंधु किसी पारिवारिक विवाद की वजह से लंदन गईं।