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कुलदीप यादव ने अपना आखिरी मैच 2019 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, उस मैच में उन्होंने पांच विकेट चटकाए थे। अब लंबे अंतराल के बाद वह कल से शुरू होने जा रहे पहले टेस्ट का हिस्सा बन सकते हैं, जो इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेला जाएगा। चाइनामैन गेंदबाज ने कहा कि, ‘मैंने अपने पिता से एक चीज सीखी है कि जो चीज आपके हाथ में नहीं है उसके बारे में मत सोचो। इसमें कोई शक नहीं जब आप टीम में नहीं होते हैं तो बुरा लगता है। पर जब आपको मौका मिले तो अपना सौ प्रतिशत दो और उसी पर फोक्स रखो।’

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छह टेस्ट मैच में 24.12 की औसत से 24 विकेट चटका चुके कुलदीप एमए चिदंबरम स्टेडियम में आर अश्विन के साथ स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। रविंद्र जडेजा के चोटिल होने के कारण उनका खेलना तय है। कुल ने अपना पिछला टेस्ट मैच 2019 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। इसमें उन्होंने पांच विकेट चटकाए थे। इसके बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे सहित 13 मैच खेले पर कुलदीप को जगह नहीं मिली। हालांकि कानपुर का यह गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया दौरे में टीम का हिस्सा था पर उन्हें खेलना का मौका नहीं मिला।

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कुलदीप का कहना है वह दूसरी बार टेस्ट देने की लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं करीब दो साल बाद टेस्ट खेलूंगा। यह मेरे लिए दूसरे पदार्पण जैसा होगा। मैं अपना सौ फीसदी देने का प्रयास करूंगा। लंबे समय पर वापसी से जाहिर है आप पर अच्छा करने का दबाव रहेगा। सभी की निगाहें मुझ पर होंगी।

कुलदीप ने कहा,‘इंग्लैंड ने निश्चित रूप से श्रीलंका में काफी अच्छी क्रिकेट खेली है। उनकी टीम अच्छी लय और टच में है। मेरे लिए अपनी योजनाओं पर अमल करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होगा। क्योंकि मैं लंबे समय के बाद खेल रहा हूं, लेकिन कप्तान जो रूट और उनके साथियों को वन-डे में और श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए देखकर मेरे पास उनके खिलाफ अच्छी रणनीति है। मुझे उम्मीद है कि मैं उन रणनीतियों को अमल में ला सकता हूं। रूट के पास अपने स्ट्रोक खेलने के लिए समय है। वह बैकफुट से भी अच्छी तरह से स्पिन खेलते हैं।