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देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसजी के नाम पर धोखाधड़ी कर 100 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

आधा दर्जन नामी कंपनियों ने लिखित शिकायत दे गुहार लगाई कि प्रवीण यादव नाम के शख्स ने खुद को डिप्टी कमांडेंट बता एनएसजी कैंपस में पैरिफिल रोड बनाने, एसटीपी बनाने और हाउसिंग फ्लैट्स बनाने को लेकर अपने खाते में पैसे जमा करा लिए।

किसी को शक न हो इसलिए आरोपी ने एनएसजी के कैंपस की ब्रांच में ही खाता भी खुलवा लिया।

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पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रवीण यादव की बहन रितु यादव जो कि एनएसजी कैंपस स्थित एक्सिस बैंक की मैनेजर के पद पर तैनात है। प्रवीण ने अपनी बहन की मदद से अकाउंट खुलवाया और करोड़ों की धोखाधड़ी की ठगी को अंजाम दे दिया। इसका जीजा नवीन भी एनएसजी में कार्यरत है।

पुलिस शिकायत में बताया गया है कि आरोपी प्रवीण यादव से उसकी मुलाकात जून 2021 में पहली बार एनएसजी मानेसर कैंपस में हुई थी। उसने खुद को आईपीएस सोबीर जाखड़ बताया और कहा कि वह एनएसजी कैंपस में बतौर ग्रुप कमांडर तैनात है। आरोपी ने अपना आई कार्ड भी दिखाया जिस पर ग्रुप कमांडर वर्क्स लिखा हुआ था।

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शिकायतकर्ता को उस पर भरोसा हो गया। इसके बाद पीड़ित लोग इसके झांसे में आते चले गए. पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रवीण यादव ने एनएसजी परिसर में ही कई मीटिंग्स कर पीड़ित कंपनियों को विश्वास में लिया और करोड़ों रुपये एनएसजी हेडक्वॉर्टर के नाम से बनाए गए. प्रवीण ने सभी से फर्जी अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करवाए। जब उसके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो गए तो प्रवीण भाग निकला। मामला एनएसजी कैंपस से जुड़ा था लिहाजा गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर एसआईटी का गठन कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग पीड़ित कंपनियों की शिकायत पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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