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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को रक्षा अलंकरण समारोह में सशस्त्र बलों के जवानों को 6 मरणोपरांत समेत 13 शौर्य चक्र प्रदान किए। ये कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया।

राष्ट्रपति ने 14 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक और 24 अति विशिष्ट सेवा पदक भी प्रदान किए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। उन्होंने विशिष्ट वीरता, अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति अत्यधिक समर्पण के लिए कर्मियों को वीरता पुरस्कार किए हैं। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने परम विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त किया।

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जनरल पांडे हाल ही में बने हैं आर्मी चीफ

जनरल मनोज पांडे ने 30 अप्रैल को 29वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने ये कार्यभार सेवा से सेवानिवृत्त हुए जनरल मनोज मुकुंद नरवणे से लिया है। जनरल पांडे 13 लाख जवानों वाली सशक्त सेना का नेतृत्व करने वाले कोर ऑफ इंजीनियर्स के पहले अधिकारी बने हैं।

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इन 6 जवानों को मरणोपरांत शौर्य चक्र

मरणोपरांत जिन 6 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया, उनमें मद्रास रेजिमेंट की 18वीं बटालियन के कैप्टन आशुतोष कुमार, राजपूत रेजिमेंट के हवलदार अनिल कुमार तोमर, जाट रेजिमेंट के हवलदार पिंकू कुमार, इंजीनियर्स कोर के हवलदार काशीराय बम्मनल्ली, मद्रास रेजीमेंट की 17वीं बटालियन के नायब सूबेदार श्रीजीत और मद्रास रेजीमेंट की 17वीं बटालियन के सिपाही एम. जसवंत कुमार रेड्डी शामिल हैं।

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बताते चलें कि अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के बाद शौर्य चक्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है. कार्यक्रम में उपराष्‍ट्रपति वैंकेया नायूड, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।