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देश की राज्यसभा की 57 सीटों के लिए चुनाव होने वाले है, जिनमें महाराष्ट्र की 6 सीट शामिल है। इन सीटों पर 10 जून को चुनाव होने जा रहे हैं।

राज्यसभा के लिए शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी एक एक सीट और भाजपा 2 सीट आसानी से जीत सकती है, लेकिन बची छटी सीट के लिए शिवसेना ने दावा कर दिया है। उधर भाजपा के 2 उम्मीदवार जीतने के बाद पार्टी ने भी अपना छटा उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी की है। ऐसे में महाराष्ट्र में राज्यसभा का चुनाव दिलचस्प बनते जा रहा है।

 

पिछले राज्य सभा चुनाव में जीते कांग्रेस के पी चिदंबरम, शिवसेना से संजय राऊत, एनसीपी से प्रफुल्ल पटेल और भाजपा से विनय सहस्त्रबुद्धे, विकास महातमे और पीयूष गोयल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। छत्रपती शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी महाराज राष्ट्रपति के कोटे से पिछले बार राज्यसभा सांसद बने थे। उनका भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। संभाजी महाराज राज्यसभा की छटी सीट के लिए चुनाव लड़ने जा रहे है। उन्होंने सभी पार्टियों के विधायकों को खत लिखकर भावुक अपील भी की है। लेकिन अब शिवसेना के छटे सीट की दावेदारी से संभाजी महाराज की दावेदारी खतरे में पड़ चुकी है।

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उपमुख्यमंत्री मंत्री अजित पवार घोषणा कर चुके है कि शिवसेना जो छटा उम्मीदवार तय करेगी उसे एनसीपी के अतिरिक्त वोट मिलेंगे। इससे साफ है कि महाविकास अघाड़ी अपना चौथा उम्मीदवार मैदान में उतारने जा रही है। राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पहली पसंद के 41.01% यानी 42 वोटों की जरूरत है। शिवसेना के पास 55 विधायक है और उसके पास 13 वोट ज्यादा है। एनसीपी के 53 विधायक है उसके पास 11 वोट ज्यादा है। कांग्रेस के पास 44 विधायक है और उसके पास 2 वोट ज्यादा है। यानी महाविकास अघाड़ी के पास 26 वोट ज्यादा है। भाजपा के पास 106 विधायक है उसके पास 22 वोट ज्यादा है। अन्य सहयोगी दल और कुछ निर्दलीय मिलाकर और 7 अन्य विधायकों का समर्थन भाजपा को है। यानी भाजपा के पास 29 वोट है और उसे तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए 13 वोट कम पड़ रहे है।

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लेकिन छोटी पार्टियां और निर्दलीयों की संख्या 23 है और इनका समर्थन महाविकास अघाड़ी को मिला हुआ है। ऐसे में चौथे उम्मीदवार की जीत का रास्ता महाविकास अघाड़ी पार कर सकती है। राज्य सभा के लिए वोटिंग खुले तरीके से होती है इसलिए वोटों में सेंध लगने के आसार कम ही है।

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