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राजस्थान के अलवर की पोक्सो कोर्ट (Pocso Court) क्रम संख्या-1 ने एक नाबालिग बालिका के साथ रेप कर उसे कुएं में धक्का देने के मामले में मौलवी जफरुद्दीन (Maulvi Zafaruddin) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

 

कोर्ट ने उस पर 65000 रुपये का जुर्माने भी लगाया है. यह केस करीब डेढ़ साल पुराना है. इस मामले में पीड़िता और उसके माता-पिता कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गए थे। लेकिन कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल टीम के साक्ष्यों की रिपोर्ट को सबूत मानकर आरोपी मौलवी जफरुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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पोक्सो कोर्ट क्रम संख्या-1 के विशिष्ट लोक अभियोजक रोशनदीन खान ने बताया कि यह मामला अलवर के भिवाड़ी के महिला थाने में 1 अप्रैल 2021 को दर्ज हुआ था। प्रकरण के अनुसार वहां जफरुद्दीन मस्जिद मेंकाम करता था। वहां एक दिन 13 वर्षीय नाबालिग बालिका मौलवी को मस्जिद में खाना देने गई थी। लेकिन मौलवी ने मौके का फायदा उठाकर उसके साथ रेप किया। थोड़ी देर बाद वहां बच्ची मां पहुंच गई. उसे देखकर मौलवी ने नाबालिग बालिका को पास ही स्थित कुएं में धक्का दे दिया।

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पीड़िता और उसके माता-पिता अपने बयानों से मुकर गए

मौलवी जफरुद्दीन मूलतया हरियाणा के हथीन थाना इलाके का रहने वाला है। जफरुद्दीन के खिलाफ पीड़िता के परिजनों की ओर से महिला थाने में रेप का केस दर्ज कराया गया था। इस पर पुलिस ने आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया। बाद में अपनी जांच कर कोर्ट में उसके खिलाफ चालान पेश कर दिया। उसके बाद कोर्ट में गवाहों के बयान हुए और साक्ष्य पेश किए गए। गवाहों के बयान के दौरान खुद पीड़िता, पीड़िता की माता और पिता समेत दोनों पक्ष अपने बयानों से मुकरकर पक्षद्रोही हो गए।

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पोक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश अनूप पाठक ने सुनाया फैसला

इस पर अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल टीम की साक्ष्य की रिपोर्ट को साक्षी मानकर मौलवी जफरुद्दीन को रेप का दोषी माना। उसके बाद पोक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश अनूप पाठक ने आरोपी जफरुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही उस पर 65000 का जुर्माना भी लगाया. आरोपी को अब फिर से जेल भेज दिया गया है।